पुरानी तहसील की जगह पर पार्किंग स्थल को मिली मंजूरी
शहर में मुख्य बाजार में वाहनों के बेतरतीब तरीके से खड़े होने के कारण आमजन को होने वाली परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। कलेक्टर ने नगरपरिषद को पुरानी तहसील की जगह पर पार्किंग स्थल विकसित करने की स्वीकृति दी है। इसके तहत परिषद ने तहसील की जर्जर बिल्डिंग का मलबा नीलामी करने के लिए टेंडर लगाए हैं। अधिकारियों के मुताबिक पार्किंग स्थल विकसित होने से समस्या हल हो सकेगी। टाउन में पुरानी तहसील की भूमि को परिषद को हैंडओवर किए जाने के लिए करीब डेढ़ साल पहले राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाया गया था लेकिन सरकार ने इसकी मंजूरी नहीं दी थी।
इसके बाद नए सिरे से नजूल समिति के समक्ष प्रपोजल रखा गया जिस पर कलेक्टर ने पार्किंग को लेकर सहमति दे दी। इसके तहत नगरपरिषद ने पुरानी तहसील की जर्जर बिल्डिंग को डिस्मेंटल कर मलबा नीलामी के लिए टेंडर लगाए हैं। नीलामी 23 अप्रैल को सुबह 11 बजे पुरानी तहसील की जगह पर की जाएगी। नीलामी होने के बाद परिषद की ओर से संबंधित जगह का लेवल करा पार्किंग स्थल विकसित किया जाएगा।
घटेगा ट्रैफिक, रोजगार भी बढ़ेगा
1.करीब डेढ़ साल पहले परिषद प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने बाजार में वन-वे लागू किया गया। पार्किंग स्थल नहीं होने वन-वे व्यवस्था पूरी तरह से सिरे नहीं चढ़ पाई। पार्किंग स्थल विकसित होने से यह व्यवस्था सुचारू हो सकेगी।
2.तीन बीघा भूमि पर पार्किंग स्थल विकसित होने से मुख्य तौर पर मेगा हाईवे से बाजार की तरफ जाने वाले वाहनों की पार्किंग होने से राहत मिलेगी। व्यवस्थित पार्किंग होने से दुकानदारों का रोजगार प्रभावित नहीं होगा।
हनुमानगढ़. वह जगह जहां पर बनेंगी पार्किंग।
3.मुख्य बाजार में वर्तमान में चौक-चौराहों के पास सड़कों पर वाहन खड़े रहने से नागरिकों को आवाजाही में परेशानी होती है। इस समस्या से राहत मिल सकेगी।
एईएन बोले- जल्द मिलेगी समस्या से राहत
नगरपरिषद एईएन राजेंद्र स्वामी का कहना है कि पुरानी तहसील की जगह पर पार्किंग किए जाने की स्वीकृति मिली है। जर्जर बिल्डिंग को डिस्मेंटल करा मलबा नीलामी की जाएगी। इसके लिए टेंडर लगाए गए हैं।
अब गूगल अर्थ पर नजर आएगी परिषद के भूखंडों की लोकेशन
भास्कर संवाददाता|हनुमानगढ़
नगरपरिषद की संपत्ति गूगल अर्थ पर अपलोड कर मार्किंग की जाएंगी। इससे शहर और आसपास के क्षेत्र में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी लोकेशन, आसपास के डवलपमेंट की स्थिति और सड़कों सहित लैंडमार्क के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी। कलेक्टर के निर्देश पर परिषद की ओर से डिजिटाइज्ड लैंड बैंक बनाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इसको लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। डिजिटलाइज्ड लैंड बैंक में परिषद की संपत्तियों का डाटा बेस ऑनलाइन होगा। गुगल अर्थ पर इससे सारी जानकारी कंप्यूटर पर घर बैठे मिल सकेगी। इसका फायदा यह भी होगा कि लोग दलालों और गुमराह करने वाले अफसरों के चक्कर में नहीं आएंगे। उनको इच्छुक एरिया में प्लॉट के विकल्प देखने को मिलेंगे। लेखाधिकारी राकेश मेहंदीरत्ता ने बताया कि नगरपरिषद की ओर से डिजिटलाइज्ड लैंड बैक तैयार कराया जाएगा। कलेक्टर के निर्देश पर इसको लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की जा रही है। इससे लोगों को प्लॉट संबंधी डिटेल और सटीक जानकारी के लिए संबंधित परिषद से बार-बार सूचनाएं नहीं मांगनी पड़ेंगी। परिषद की संपत्तियों को गूगल अर्थ पर सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
ऑनलाइन मार्किंग से मॉनिटरिंग आसान
1.नगरपरिषद की जमीन की गूगल अर्थ पर ऑनलाइन मार्किंग के साथ मॉनिटरिंग आसान होगी। इसका फायदा यह भी होगा कि लोग दलालों और गुमराह करने वाले अफसरों के चक्कर में नहीं आएंगे। उनको इच्छुक एरिया में प्लॉट के विकल्प देखने को मिलेंगे।
2.आए दिन कब्जे होने की समस्याएं कम होगी। कब्जा होने पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग होने से तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। लैंड बैंक में किसी भी तरह की उलझन नहीं रहे, इसको मद्देनजर रखते हुए डाटा बेस तैयार किया जाएगा।
3.नगर परिषद की ओर से भूमि नीलामी प्रक्रिया भी आसान हो सकेगी। ऑनलाइन गूगल अर्थ पर परिषद की संपत्ति देख सकेंगे। परिषद की संपत्ति कहां पर इसकी लोकेशन की घर बैठे सटीक जानकारी मिल सकेगी।
हर तरह के प्लॉट अलग-अलग रंगों में: नगरपरिषद की ओर से तैयार डाटा बेस में छोटे-बड़े और अलग-अलग यूज के प्लॉट की अलग-अलग पहचान हो सकेगी। इसके लिए अलग रंग भरे जाएंगे। साथ ही इनमें सभी प्लॉट्स का लैंड यूज, एरिया के साथ ही अप्रोच रोड, आसपास का डवलपमेंट आदि सभी की पूरी जानकारी मिलेगी।
गूगल अर्थ: एक क्लिक पर लोकेशन की जानकारी
गूगल अर्थ के माध्यम से आप पूरी दुनिया में किसी भी अपनी आवश्यकता के अनुसार किसी भी स्थान को खोज सकते है और किसी मुख्य स्थान की फेमस इमरात या टॉवर का र्थी डी चित्र भी देख सकते है। मान लीजिए आपको हनुमानगढ़ में किसी आवासीय योजना और उसकी र्थी डी आकृति देखनी है तो आप गूगल अर्थ में संबंधित जगह का नाम लिखेंगे तो एक क्लिक में लोकेशन और उसकी र्थी डी आकृति मिल जाएगी। गूगल अर्थ के द्वारा आप 2 स्थानों की दूरी को भी आसानी से नाप सकते है और किसी स्थान पर जाने के लिए रुट को भी आसानी से सर्च कर सकते है।