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धानमंडी में गोलीकांड मामले में पुलिस के हाथ दूसरे दिन भी खाली, गैंगवार-हथियार तस्करों का गढ़ बन रहा जिला

3 वर्ष पहले
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जिले में कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालात किसी से छिपे नहीं हैं। बात चाहे गैंगवार की हो, आए दिन हो रही वाहन चोरियों की वारदातों की हो या फिर नशा माफिया और भूमाफिया की। जिले में किसी भी अपराध को रोकने में पुलिस को बड़ी कामयाबी नहीं मिली है। नशा तस्करी का गढ़ बन रहे जिले में आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस इन अपराधों के सामने पस्त नजर आ रही है। जिला न्यायालय परिसर के बाद अब भीड़भाड़ वाले क्षेत्र टाउन धानमंडी में गोली चलने से आमजन खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है। अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के सरेआम वारदातों को अंजाम देने के बाद आसानी से फरार हो जाने से जिले में जंगलराज की स्थिति बनने लगी है। टाउन में हुए गोलीकांड के दूसरे दिन भी पुलिस के हाथ खाली रहे। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की तीन टीमें आरोपियों के छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं लेकिन कोई सुराग नहीं मिला है।

एएसपी बोले- अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस गंभीर, कर रहे प्रयास
एएसपी हरीराम चौधरी का कहना है कि अपराधों की रोकथाम और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस गंभीर है। टाउन धानमंडी में मर्डर मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

वो अपराध, जो पुलिस के लिए बन रहे चुनौती और छीन रहे जनता का चैन
1. गैंगवार-गैंग अब आम आदमी को भी परेशान करने लगी हैं। गत वर्ष कोर्ट परिसर में गोलीकांड में एक की हत्या व टाउन धानमंडी में रंजिश के चलते शेरेकां के विनोद बिश्नोई का मर्डर इसकी ताजा बानगी है। इस गैंगवार में टाउन की इंदिरा कॉलोनी में पहले भी गोली चल चुकी है।

3.नशा तस्करी- जिले में नशे का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की चंडीगढ़ और जोधपुर की संयुक्त टीम ने गांव चिश्तियां में कार्रवाई करते हुए 55 किलोग्राम अफीम और 19 लाख रुपए नगदी जब्त कर एक महिला सहित पांच जनों को गिरफ्तार किया। हैरानी की बात है कि यह कारोबार 15 सालों से चल रहा था और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। वहीं मेडिकल नशा सरेआम बिक रहा है। इस बीच पाबंदी के बाद भी जिले में पोस्त की सप्लाई हो रही है।

2. हथियार तस्करी- जिले में आसानी से अवैध हथियार मिल जाते हैं। जब भी कोई बदमाश पकड़ में आता है तो उसके पास भी हथियार मिलते हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो जिले में भारी मात्रा में बाहर से हथियारों की खेप आ रही है। बदमाशों को आसानी से हथियार मिल जाते हैं। देशी कट्टे विदेशी पिस्टल भी यहां आसानी से मिल जाती है।

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