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फैमिली प्लानिंग के लिए गर्भनिरोधक टेबलेट की बजाय अंतरा इंजेक्शन का होगा उपयोग
जनसंख्या नियंत्रण के लिए अब महिलाओं को गर्भ निरोधक टेबलेट नहीं लेनी पड़ेंगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनसंख्या नियंत्रण व बच्चों में पर्याप्त अंतराल के लिए महिलाओं को अंतरा इंजेक्शन निशुल्क लगाया जा रहा है। अंतरा इंजेक्शन एक बार लगाने से तीन माह तक गर्भ निरोधक का काम करेगा। सीएमएचओ डाॅ. अरूण कुमार ने बताया कि जिले में जनसंख्या नियंत्रण के लिए गर्भ निरोधक गोलियों की बजाए अंतरा इंजेक्शन का उपयोग किया जा रहा है। महिलाओं को लगने वाले इस इंजेक्शन का असर तीन महीने तक रहेगा। इस इंजेक्शन का कोई भी साइड इफेक्ट भी नहीं है। उन्होंने बताया कि जो महिलाएं गर्भ निरोधक गोलियां लेने से हिचकती हैं, वे अंतरा इंजेक्शन लगवा सकती हैं। इस आशय के निर्देश भी ब्लॉक स्तर तक दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि दो बच्चों के बीच में अंतराल रखने के लिए इंजेक्शन का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अंतरा इंजेक्शन के इस्तेमाल से मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी।
नसबंदी नहीं कराने वालों को लाभ : एसीएमएचओ डाॅ. योगेंद्र तनेजा ने बताया कि अंतरा इंजेक्शन का सर्वाधिक फायदा नसबंदी न करवाने वालों को मिलेगा। नसबंदी न कराने वाली महिलाओं को कई बार अनचाहे गर्भ का सामना करना पड़ता है। ऐसे में एक अंतरा इंजेक्शन तीन माह तक गर्भ निरोधक का कार्य करेगा। इससे महिलाओं को कमजोरी का अनुभव भी नहीं होगा। महिलाओं को जब मां बनना हो, तब वे यह इंजेक्शन लगवाना बंद कर सकती हैं। इसके लिए डॉक्टरों समेत नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा चुका है तथा गांव की महिलाओं को जागरूक करने के लिए आशा सहयोगिनियों एवं स्वास्थ्य कार्मिकों को निर्देश दिए गए हैं। यह इंजेक्शन जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी में निशुल्क लगाया जाएगा।
जिला अस्पताल व सीएचसी में निशुल्क लगाया जाएगा इंजेक्शन