संगरिया| सैय्यद बली हुसैन बल्लूशाह पीर के चल रहे 57 वें वार्षिक उर्स में बीती देर रात कव्वाली के कार्यक्रम में तबले की थाप और सुरों के संगम ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सूफियाना कलाकारों ने एक से बढ़ कर एक कव्वाली प्रस्तुत की। सेवादार नानक शाह नेतला ने हिंदू ,मुस्लिम और सिख, ईसाई में कोई भेदभाव नहीं होने और एक ही धर्म इंसान का धर्म होना बताया। एक दूसरे के साथ भाईचारा रखने और हमेशा एक दूसरे की सहायता करने का संदेश दिया। अजमेर से आए खवाजा चिश्ती ने सभी को अमन चैन का पैगाम दिया। नशीन बाबा नानक शाह नेतला ने बताया कि 18 मई तक उर्स का कार्यक्रम चलेगा, जिस में बाहर से गजल गायक अपने कार्यक्रम पेश करेंगे।