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सीएम हमारी बेटी योजना में जिले की चार बच्चियां शामिल, मिलेंगे 1.15 लाख रुपए

3 वर्ष पहले
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विभाग के पास नहीं है अनाथ श्रेणी में टॉपर बच्ची का नाम

भास्कर संवाददाता|हनुमानगढ़

शिक्षा विभाग ने राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुसार मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना के तहत राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से दसवीं पास कर चुकी मेधावी छात्राओं को चिंहित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूरी प्रक्रिया में अड़चन यह आ रही है कि विभाग के पास जिले में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाली अनाथ छात्रा का नाम नहीं है। यही वजह है कि योजना के तहत चयनित सभी नामों की घोषणा नहीं हो पा रही है। अब माध्यमिक शिक्षा के डीईओ कार्यालय ने सभी स्कूलों से 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली अनाथ बच्चियों की सूची मांगी है। इनमें से सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्रा का चयन योजना के तहत किया जाएगा। यह सूचना 12 जुलाई तक डीईओ (माध्यमिक) कार्यालय में जमा करवानी होगी। सूचना उपलब्ध नहीं करवाने पर पूरी जिम्मेदारी भी संबंधित संस्था प्रधान की होगी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक माता व पिता, दोनों के नहीं होने पर बालिका को अनाथ श्रेणी में माना जाएगा। एक अनाथ श्रेणी की बच्ची के अलावा बीपीएल वर्ग की सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्रा और जिले में टॉपर रही दो छात्राओं को भी मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना का लाभ दिया जाना है।

मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना के तहत बच्चियों को लाभांवित किया जाना है। सरकारी स्कूलों में पढ़कर जिले में पहले दो स्थानों पर रही बच्चियों व बीपीएल श्रेणी की बच्ची के नाम उपलब्ध हैं लेकिन अनाथ श्रेणी का नाम विभाग के पास नहीं है। इसके लिए 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली अनाथ श्रेणी की बच्चियों से आवेदन मांगे गए हैं। इसके आधार पर ही बच्ची का चयन होगा। रणवीर शर्मा, एडीईओ (माध्यमिक)

यह है हमारी बेटी योजना

मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना के तहत राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित दसवीं की परीक्षा में पूरे जिले में प्रथम दो स्थान पर रहने वाली सरकारी स्कूलों की दो बालिकाओं, बीपीएल वर्ग से सर्वाधिक अंक लाने वाली एक बालिका एवं सर्वाधिक अंक लाने वाली एक अनाथ बच्ची को शामिल किया जाना है। इन बच्चियों को 11वीं व 12वीं कक्षा में प्रति वर्ष एक लाख 15 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसमें से 15 हजार रुपए बालिका के स्वयं के खाते में जमा होंगे। बाकी एक लाख रुपए बालिका का खर्च बच्ची की पढ़ाई, हॉस्टल व अन्य शैक्षिक खर्च के लिए होगा।

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