पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • सुरेशिया में दो महिलाओं के मकान नप ने अतिक्रमण बता तोड़े, हैरानी आसपास सभी कब्जे, छुआ तक नहीं

सुरेशिया में दो महिलाओं के मकान नप ने अतिक्रमण बता तोड़े, हैरानी-आसपास सभी कब्जे, छुआ तक नहीं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जंक्शन के सुरेशिया में छह दिन पहले एक मकान में देह व्यापार के आरोप में गिरफ्तार दोनों महिलाओं के मकान नगरपरिषद की ओर से शुक्रवार दोपहर बाद ध्वस्त कर दिए गए। हैरानी की बात है कि जहां पर परिषद ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की उसके आसपास पूरे सुरेशिया एरिया में सैकड़ों कब्जे हैं जिनको छुआ तक नहीं गया। ऐसे में नगरपरिषद और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है। हालांकि परिषद अधिकारियों का कहना है कि नोटिस चस्पा कर 48 घंटे में अतिक्रमण हटाने को कहा गया था। खुद के स्तर पर अतिक्रमण नहीं हटाने पर 72 घंटे बाद परिषद ने यह कार्रवाई की। वहीं नागरिकों का कहना है कि प्रशासन कोर्ट से बड़ा हो गया है जो इस तरह के मामले में तत्काल फैसले ले रहा है। गत वर्ष 18 अप्रैल को देह व्यापार रैकेट सरगना मंजू अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद भी परिषद प्रशासन ने उसके दोनों मकान ध्वस्त कर दिए थे। ऐसे में ठीक एक साल बाद अब प्रशासन ने फिर से वेश्यावृत्ति मामले में पकड़ी गई दोनों महिलाओं को टारगेट बनाकर मकान तोड़े हैं। वहीं विधि विशेषज्ञों का कहना है कि आनन-फानन में कब्जे हटाने की कार्रवाई कर नगरपरिषद प्रशासन ने विधिक नियमों की उल्लंघना की है। किसी पुराने कब्जे को हटाने के लिए बकायदा नोटिस तामील कराकर संबंधित को सुनवाई का अवसर दिए जाने का प्रावधान है। अवैध गतिविधि में संलिप्त होने पर मकान को सीज किया जा सकता है लेकिन ध्वस्त नहीं किया जा सकता है। दोपहर बाद साढ़े तीन बजे नगरपरिषद अधिकारी पुलिस जाब्ते के साथ वार्ड 42 सुरेशिया में पहुंचे और पहले जेल में बंद सुमन सोनी प|ी राजकुमार सोनी के मकान के ताले तोड़कर उसमें रखे सामान को बाहर निकालकर पड़ोसियों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद जेसीबी से तोड़ने का काम शुरू कराया। देखते ही देखते मकान मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। इसके बाद गीता प|ी जस्सासिंह के मकान का सामान बाहर निकालकर ध्वस्त कर दिया। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई में परिषद ने मकान से मिले फ्रिज, टीवी, बाइक, कूलर, पंखे, अलमारी, घर में बने मंदिर में रखा पूजा का सामान सहित अन्य सामान की सूची तैयार की। इसको लेकर परिषद की ओर से वीडियोग्राफी भी कराई गई। गौरतलब है कि पुलिस ने शनिवार रात्रि को वार्ड 42 सुरेशिया निवासी राजकुमार पुत्र रावतराम सोनी, उसकी प|ी सुमन, गीता प|ी जस्सासिंह मजबी सिख निवासी सुरेशिया को बोगस ग्राहक भेजकर पीटा एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था।

पड़ोसी की दीवार हिलने पर विरोध किया तो सीआई को आया गुस्सा, युवक से बोले- चुपचाप खड़े रहो
गीता देवी के मकान को जेसीबी ने तोड़ना शुरू किया तो पड़ोसी की दीवार हिलने लगी। पड़ोसी युवक ने खुद के मकान को नुकसान की आशंका जताते हुए विरोध किया तो जंक्शन सीआई राजेश सियाग को गुस्सा आ गया। सीआई उस युवक को पकड़कर दूर तक ले गए और चुपचाप खड़े रहने को कहा। इस मौके पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट तहसीलदार सुभाष चंद्र, नगरपरिषद लेखाधिकारी राकेश मेहंदीरत्ता, एईएन राजेंद्र स्वामी, सुभाष बंसल, एटीपी रामनिवास, स्वच्छता निरीक्षक जगदीश सिराव, वेदप्रकाश, अनिल कुमार, पार्षद हाकमसिंह, लड्डूराम के अलावा 40 से ज्यादा सफाई कर्मचारी मौजूद थे।

पार्षद बोले| प्रशासन ने दबाव में आकर की ज्यादती
वार्ड 42 के पार्षद हाकमसिंह का कहना है कि प्रशासन ने दबाव में आकर संबंधित परिवार के साथ ज्यादती की है। किसके दबाव में प्रशासन ने यह कार्रवाई की यह तो संबंधित अधिकारी ही बता सकते हैं। गीता देवी के मकान में कोई अवैध गतिविधि संचालित नहीं हो रही थी। प्रशासन ने धक्काशाही कर मकान को ध्वस्त कर बच्चों को बेघर कर दिया।

नागरिक बोले | राजनीतिक दबाव में आकर प्रशासन ने कार्रवाई कर बच्चों को किया बेघर
हंगामे की आशंका थी, चार थानों का जाब्ता रहा तैनात
दोनों कब्जे हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन को विरोध के साथ हंगामे की आशंका थी। इसलिए एहतियात के तौर पर चार पुलिस थानों का जाब्ता मौके पर मुस्तैद रहा। जंक्शन सीआई राजेश सियाग, टाउन सीआई अनवर मोहम्मद, महिला थाना सीआई प्रदीप चारण, सदर एसएचओ जगदीश पांडर, एसआई चंद्रभान, एएसआई गायत्री देवी सहित अन्य पुलिस कर्मी मौजूद थे। वहीं परिषद को भी विरोध की आशंका थी इसलिए परिषद अमला पूरी तैयारी के साथ पहुंचा। हेलमेट, डंडे और जाकेट सहित अन्य संसाधन लेकर परिषद अमला पहुंचा।

मकान तोड़ना विधिक प्रक्रिया के खिलाफ
वरिष्ठ एडवोकेट शंकर सोनी ने का कहना है कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने की शिकायत पर मकान को नियमानुसार सीज किया जा सकता है लेकिन उसको तोड़ा नहीं जा सकता है। यह विधिक प्रक्रिया के खिलाफ है। नगरपालिका अधिनियम के तहत संबंधित को सुनवाई का अवसर देकर अतिक्रमण को हटाया जा सकता है। वेश्यावृत्ति या किसी अन्य अवैध गतिविधि में संलिप्त होना बताकर किसी का मकान नहीं तोड़ा जा सकता।


महिला बोली| राजनीतिक दबाव में तोड़ा मकान बनाऊं या बेटी की शादी करूंगी
गीता देवी का कहना है कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में आकर उसका मकान तोड़ा है। मंत्री और उसके बेटे की शह पर प्रशासन ज्यादती पर उतर आया है। राजनीतिक षडयंत्र के तहत पहले झूठे मामले में फंसाया और अब बेटी की शादी से पहले मकान तोड़ दिया। अब बेटी की शादी करूंगी या मकान बनाऊंगी।


आयुक्त व एसडीएम सुरेंद्र पुरोहित से बात

Q. नगरपरिषद प्रशासन ने सुरेशिया में दो ही कब्जे हटाने की कार्रवाई की है जबकि पूरे सुरेशिया में कब्जे हैं?

कब्जे की जगह पर बने दोनों मकानों में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। इसलिए दोनों कब्जों को हटाने की कार्रवाई की गई। इसके लिए बकायदा नोटिस जारी किया गया। समय-समय पर सुरेशिया में कब्जे हटाने की कार्रवाई की जाती है।

Q.नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में यह कार्रवाई की है इसमें कितनी सच्चाई है?

प्रशासन को शिकायत मिली थी कि वहां पर अवैध गतिविधि संचालित हो रही है इस आधार पर यह कार्रवाई की गई। इसमें किसी तरह का कोई राजनीतिक दबाव नहीं है।

Q. किसी महिला को वेश्यावृत्ति के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद उसके मकान को तोड़ने का नियम है क्या?

वेश्यावृत्ति के मामले में पुलिस पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई करती है। नगरपरिषद ने अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 245 के तहत की है।


1.अगर अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं तो पहले पुलिस कहां थी। छह दिन पहले पीटा एक्ट की कार्रवाई के तुरंत बाद ही नगरपरिषद को अतिक्रमण याद क्यों आया।

2.चौंकाने वाली बात है कि प्रशासन जिन दोनों मकानों में अवैध गतिविधियां संचालित होने की बात कह रहा है वह समाज कल्याण विभाग के छात्रावास के पास है और वहां पर संप्रेषण गृह भी बगल में है।

3. सुरेशिया के अधिकांश मकान कब्जे की जगह पर बने हुए हैं फिर दो ही मकानों में तोड़फोड़ क्यों की गई।

खबरें और भी हैं...