संगरिया. कृषक विश्राम गृह में बैठक के दौरान किसान संघ के लोग।
संगरिया| किसानों को फसलों के उत्पादन का लागत मूल्य नहीं मिलने, प्राकृतिक आपदाओं, रोग व कीट से फसलों के खत्म होने पर फसल बीमा के सही क्रियान्वयन के अभाव में जोखिम कवर उपलब्ध नहीं होने से आर्थिक रूप से परेशान किसान सरकारी निराशा से आक्रोशित हैं। सरकार को चेताने के लिए सोमवार को जिला व अगले दिन उपखंड स्तर पर ज्ञापन देने एवं इसके बाद भी नहीं चेतने पर आंदोलन का बिगुल बजाने की बात भारतीय किसान संघ की कृषक विश्राम गृह में मासिक बैठक में तय हुई। किसान नेताओं ने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीद दौरान संसाधनों से ही किसान फसल का घोषित नहीं पा सकता। फसल बीमा का लाभ किसानों को दिलाने के लिए कंपनियों को प्रीमियम देने की बजाए केद्रांश, राज्यांश व किसान का हिस्सा मिलाकर किसान कोरपस फंड योजना लाकर लाभांवित करने की मांग रखी। वहीं लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य तय करके अंतर राशि भुगतान योजना लागू करने, सभी फसलों का लाभ कारी समर्थन मूल्य घोषित कर सभी फसलों की खरीद करने व समर्थन मूल्य से नीचे फसल बिकने को अपराध की श्रेणी में लाए जाने की मांग के ज्ञापन भेजने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में प्रांत मंत्री सुरेंद्रपालसिंह बोलांवाली, संभाग उपाध्यक्ष सिकंदर सिंह, जिलाध्यक्ष चरणजीतसिंह, तहसील अध्यक्ष राजपाल छाबा, मंत्री बलकरणसिंह, गमदूरसिंह, धर्मपाल कड़वासरा ने विचार रखे।