हनुमानगढ़| सड़क दुर्घटना के दौरान घायलों की जान बचाने व तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने वाले गुड सेमेरिटन यानि मददगारों के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। कलेक्टर दिनेशचंद्र जैन ने कहा कि सड़क दुर्घटना के दौरान घायलों की जान बचाने व तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने वाले मददगारों को होने वाली असुविधा व उनके मन में व्याप्त भय को दूर करने में सभी अस्पतालों को मदद करनी चाहिए। इसके लिए सभी सरकारी व प्राइवेट हॉस्पिटलों की इमरजेंसी के बाद जागरूकता के लिए पोस्टर व बोर्ड लगाए जाएं। इन बोर्ड पर ‘अब सरकार है आपके साथ - सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं, न कि वीडियो बनाएं।’ लिखा रहेगा। उन्होंने कहा कि अधिकतर मामलों में घायलाें को तुरंत अस्पताल ले जाकर जान बचाई जा सकती है लेकिन अनेक तरह के सवाल पूछने के कारण कोई मददगार आगे नहीं आता है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले मददगारों के लिए बनी गाइडलाइन की पालना करना अनिवार्य है। अध्यक्षता कलेक्टर दिनेशचंद्र जैन ने की। बैठक में सीएमएचओ डाॅ. अरूण कुमार, एसीएमएचओ डाॅ. योगेंद्र तनेजा, पीआरओ सुरेश बिश्नोई, डीपीएम रचना चौधरी, जितेेंद्रसिंह राठौड़ भी मौजूद थे।
अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर लिखा रहेगा प्रेरक वाक्य, दुर्घटना में मददगारों के लिए गाइडलाइन का पालन करने के दिए निर्देश
पीड़ितों को न्याय रहेगी प्राथमिकता, सरकारी योजनाओं पर करेंगे फोक्स ताकि पात्र को मिले लाभ
हनुमानगढ़. कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग की बैठक लेते कलेक्टर।
नए कलेक्टर दिनेशचंद जैन ने सोमवार को यहां पदभार ग्रहण कर लिया। 30 वर्ष की राजकीय सेवा में पहली बार कलेक्टर के तौर पर जिले की कमान संभालने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले इस पर फोक्स किया जाएगा। सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर आमजन को लाभान्वित किया जाएगा। वहीं जिले में विकास की दृष्टि से संबंधित विभागों से फीडबैक लेकर प्लान तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में समस्याएं और बिग इश्यू समझकर उनका त्वरित निस्तारण किया जाएगा।
भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना पर चर्चा
बैठक में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के संबंध में भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने जिले में अधिक से अधिक लोगों को बीएसबीवाई के तहत उपचार देने तथा अन्य प्राइवेट अस्पतालों को योजना से जोड़ने की बात कही।
उन्होंने कहा कि जिले में भामाशाह लाभार्थी इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए। बैठक में उपस्थित निजी अस्पताल के प्रतिनिधियों से बात की और संबंधित अधिकारियों से योजना का अधिक से अधिक प्रचार करने के लिए कहा।