भास्कर टीम|सादुलशहर सिटी/आंचलिक/रायसिंहनगर
नहरों में आ रहे दूषित पानी से पनपे जनाक्रोश के बाद कलेक्टर की ओर से इस पानी को भंडारित नहीं करने आदेश के बावजूद दूषित काले पानी को सादुलशहर और रायसिंहनगर जलदाय विभाग ने डिग्गियों में भंडारित कर लिया। इससे लोगों में रोष फैल गया। उधर, क्षेत्र में भाखड़ा सिंचाई प्रणाली की विभिन्न नहरों में रसायन युक्त एवं दूषित पानी देख विधायक गुरजंटसिंह बराड़ एवं संगरिया विधायक कृष्ण कड़वा सहित विभिन्न दलों के पदाधिकारियों ने राजस्थान-पंजाब के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजकर इसे रोकने की मांग की है। वहीं किसानों सहित आमजन में भारी आक्रोश है। जलदाय विभाग की डिग्गी में रसायन युक्त पानी दूषित पानी सुबह 11 बजे तक गिरता रहा। इसके अलावा श्रीगोशाला के मोघे में भी यही दूषित पानी बहता रहा। यही नहीं, गोशाला परिसर में चारे की फसल में भी पानी लगता रहा।
कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष कृष्ण सहारण, पूर्व पार्षद मदन सहारण, भानीराम टांक, शिवप्रकाश सहारण, पवन खीचड़, अजब खीचड़ ने भी कार्यकर्ताओं के साथ नहर पर पहुंचकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई। वहीं रायसिंहनपगर में जलदाय विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते नहर में आया दूषित काला जहरीला पानी पेयजल डिग्गियों में भंडारित होता रहा। सोमवार को जब लोगों ने द ेखा तो इसका विरोध किया और खुद ही मोघे में कट्टे लगाकर पानी को रोका। नागरिकों ने बताया कि रविवार को पेयजल के लिए पीएस नहर में पानी छोड़ा गया था। लेकिन पानी अत्यधिक गंदा होने से लोगों ने इसका भण्डारण नहीं करने के लिए जलदाय विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया था। पीसीसी सदस्य ओम बिश्नोई, ब्लाॅक अध्यक्ष हरभजनसिंह कड़वासरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता और पीएचईडी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया।
वहीं, जिला कलेक्टर ने भी गंदा पानी भंडारण नहीं करने के निर्देश दिए थे। रविवार को आया पानी यहां जलदाय विभाग की डिग्गियों में चलता रहा बाद में नहर में पानी एक बार बंद हो गया था। सोमवार को फिर से पानी आया जो डिग्गियों में जाता रहा। राजू शर्मा, मनीष छाबड़ा, विजय जाखड़ युवकों ने कट्टे लगाकर बंद किया।
जिम्मेदारों का हाल देखिए...जेईएन ने स्वीकारा दूषित पानी स्टोर हुआ, एसडीएम बोले- नहीं हुआ
प्रियंका तलाणियां, एसडीएम, सादुलशहर
जहरीला पानी तुरंत बंद कर दिया था, जांच करूंगी
पीएचईडी अभियंता से मैंने बात की थी, मुझे यही बताया कि पानी तुरंत बंद कर दिया था, नहीं डाला। फिर भी जांच करूंगी।
सत्यवीर यादव, एसडीएम, रायसिंहनगर
पता किया ऐसे पानी का भंडारण नहीं किया गया
संबंधितों को सख्त निर्देश हैं कि ये पानी भंडारित ना हो। मैंने पता किया तो मुझे बताया है कि ऐसा पानी भंडारित नहीं किया गया है।
जेईएन बोला- हां, चला गया कुछ पानी, अब बंद करा दिया: सादुलशहर जेईएन प्रमोद कुमार का कहना है, नहर के जिस मोघे से पानी आता है वहां पूरी तरह से रुका नहीं था इसलिए पानी स्टोरेज की एक डिग्गी में आ गया था। सूचना मिलने के बाद उसे वन विभाग की नर्सरी में छोड़ दिया था।
राजनीतिक दलों व संगठनों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, आज केंद्रीय मंत्री को घेरेंगे, सबकी एक ही मांग- गंदा नहीं, साफ पानी दो
नहरों में दूषित पानी के खिलाफ आक्रोशित जिले के सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने सोमवार को एकजुट हो कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में भाजपा, भारतीय किसान संघ, मरू प्रदेश संगठन, किसान संघर्ष समिति सहित अनेक संगठनों के लोग शामिल हुए। वहीं सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस नेता मौजूद रहे। सुबह साधुवाली गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठे हुए और नहर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब से यहां नहरों में आ रहे केमिकल युक्त पानी पर रोक लगाने की मांग की। बाद में ये किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम नख्तदान बारहठ को ज्ञापन सौंपा। किसान संघर्ष समिति के नेता अमरसिंह बिश्नोई, मरू प्रदेश बनाओ समिति के मनिंद्र मान, सुरेंद्र गोदारा व सोनू नागपाल आदि के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। किसान संघ के सत्यनारायण गोदारा, बलदेवसिंह, अंग्रेजसिंह वाल्ला, गुरलाल सिंह बराड़, गुरचरण सिंह खोसा, जसकरण सिंह बराड़, दयाराम कुलचाणिया आदि भी अलग-अलग संगठनों के जरिए प्रशासन से मिले।
लापरवाही की तस्वीरें
पहली तस्वीर सादुलशहर पीएचईडी के खाले की है, जिसमें शर्ट से मुंह ढककर दूषित पानी में श्रमिक कपड़े धो रहा है। दूसरी तस्वीर रायसिंहनगर से, जहां जलदाय विभाग में पानी सप्लाई हुआ तो युवकों ने उसमें कट्टे डालकर रोका।
खेतों में जा रहा गंदा पानी, 2 दिन बाद कृषि विभाग ने लिए सेंपल, बोले- सिंचाई योग्य है पानी: नहर में लगातार दो दिन से पानी के साथ केमिकलयुक्त शीरा आ रहा है। भास्कर लगातार जानकारी दे रहा है कि इस पानी से भूमि में केंचुओं सहित मित्र कीट मर सकते हैं। कृषि विभाग दो दिन बाद जागा और सोमवार को तीन अलग-अलग स्थानों से सेंपल लिए हैं। विभागीय रिपोर्ट कहती है कि यह पानी सिंचाई योग्य है। टीम में ज्वाइंट डायरेक्टर विजेन्द्र नैण, डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सतीश कुमार शर्मा और पीडी आत्मा के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. जीआर मटोरिया शामिल रहे।
सादुलशहर विधायक ने सीएम को भेजा पत्र: कहा-पानी रोकाे नहीं तो फैल जाएगी महामारी
सादुलशहर विधायक गुरजंटसिंह बराड़, संगरिया विधायक कृष्ण कड़वा ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री वसुंधराराजे सिंधिया को पत्र ई मेल भेजकर स्थिति से अवगत करवाया है। इसमें उल्लेख किया कि राजस्थान की नहरों में पंजाब क्षेत्र से इतना गंदा पानी बहकर आ रहा है कि पानी पीने लायक तो क्या नहरों के पास इंसान खड़ा भी नहीं रह सकता। न ही ये पानी सिंचाई योग्य है। इस पानी को तुरंत पंजाब से रुकवाया जाए, अन्यथा महामारी फैल सकती है। दोनों विधायकों ने पंजाब के मुख्यमंत्री को भी इस समस्या से अवगत करवाया है।