सूरतगढ| बसपा ने सोमवार को पंजाब से राजस्थान की नहरों में आ रहे रसायनयुक्त व बदबूदार पानी पर रोक लगाने की मांग को लेकर तहसीलदार के मार्फत सीएम को ज्ञापन भेजा। जिला परिषद सदस्य डूंगरराम गेदर ने ज्ञापन में लिखा है कि यह जहरीला पानी हरिके हैड वर्क्स से होता हुए भाखड़ा, आईजीएनपी व गंगनहर में आ रहा है। इससे प्रदेश के 8 से अधिक जिलों में महामारी फैलने की आंशका है। नगर अध्यक्ष पवन सोनी, अमित कल्याणा, प्रभुदयाल नायक, रामेश्वर भोभरिया, मनोज जाटव, बृजलाल जालप, महावीर टाक, रामप्रवेश डाबला, जीवन मेघवाल व राजेंद्र गेदर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। दूसरी ओर सर्व हिंदू संगठन ने एसडीएम की मार्फत जलसंसाधन मंत्री को ज्ञापन भेज पंजाब से छोड़े गए विषैले पानी की जांच करवा अशुद्ध पानी की सप्लाई बंद करने की मांग की। संगठन के ओमराज पुरोहित, राधेश्याम उपाध्याय, योगेश स्वामी, प्रेमसिंह राठौड़, सुनील गिरी, संजीव गुप्ता, लक्ष्मणसिंह शेखावत व मुरलीधर पारीक मौजूद थे।
10 एलएनपी में ग्रामीण आज लगाएंगे सामूहिक धरना
प्रशासन व जलदाय विभाग ने चेतावनी दी थी कि दूषित पानी का भंडारण नहीं किया जाए। बावजूद इसके 10 एलएनपी गांव के वाटर वर्क्स में नहर का जहरीला पानी भंडारण कर लिया गया। पूरे गांव के लोगों की ओर से इसके विरोधस्वरूप मंगलवार को सामूहिक धरना लगाया जाएगा। विभाग यहां टेंकरों से घर-घर पेयजल पहुंचाएगा।
श्रीकरणपुर में एक ने परिवाद दे जिम्मेदारों पर की कार्यवाही की मांग
श्रीकरणपुर| पंजाब से नहरों में केमिकल युक्त जहरीला पानी छोड़ने पर मरने वाले विभिन्न जीव जंतुओं व आमजन पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव को लेकर एक वकील ने थानाधिकारी काे दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का परिवाद पेश किया है। थानाधिकारी विजय मीणा को परिवाद पेश करते हुए पूर्व उपजिला प्रमुख एडवोकेट भगवान मेघवाल ने बताया कि पंजाब से व्यास व सतलुज नदियों में केमिकलयुक्त जहरीले अवशेष डाले गए हैं। इससे नदियों का पानी जहरीला होने से श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ सहित बीकानेर जिले में असंख्य जलीय जीव इससे मर चुके हैं और मानव जाति व पशुधन को भी इससे भयंकर खतरा पैदा हो गया है। यह पानी कृषि भूमि में भी लगाने लायक नहीं है। इसके भयंकर परिणाम का अंदेशा बना है। भगवानदास ने थानाधिकारी से कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है।