नहरों में काला और जहरीला पानी आने का क्रम दूसरे दिन भी रविवार को भी जारी रहा। पानी ऐसा था कि उसे पीना तो दूर की बात देखा तक नहीं जा सकता। इतने नहीं पानी में मृत मछलियां, सांप, गीदड़ और पशुओं के शव आ रहे हैं। तीन चार दिन पहले मरे इन जीवों के कारण पानी सड़ांध मारने लगा है।
इसी को देखते हुए पीएचईडी अधिकारियों ने इन्हें डिग्गियों में स्टोरेज नहीं करने का निर्णय लिया है और इसकी जांच भी करवाई जाएगी। हालांकि सरकार के इस तरफ कोई ध्यान नहीं देने से जिले के किसानों में इसे लेकर आक्रोश है। उल्लेखनीय है कि पंजाब क्षेत्र में ब्यास नदी में बहाया गया जहरीला पानी शनिवार देर रात तक लौहगढ़ हैड पहुंचने के बाद रविवार को जिले की नहरों में आ गया। यह दृश्य सादुलब्रांच नहर हैड का है जहां पानी आया जो देखने के लायक भी नहीं था।