संगरिया| सैयद पीर बल्लूशाहपीर की दरगाह पर चल रहे 57 वें उर्स का समापन लंगर और सेवादारों के सम्मान के साथ हुआ। उर्स के समापन पर गद्दी नशीन बाबा नानक शाह नेतला ने कहा कि बाबा बल्लू शाह की रहमत है कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई आदि धर्म के लोग एक साथ बैठकर लंगर भोजन करते हैं। किसी भी जातपात का भेदभाव न कर सबको आपसी भाईचारा रखने का संदेश दिया गया। दरगाह पर सभी सेवादारों को भ्रूण हत्या न करने, बेटियों को अधिक से अधिक शिक्षित करने, अच्छे संस्कार देने आदि का संदेश भी दिया गया। इस मौके बाहर से पधारे जायरिनों ने दरगाह को सजदा किया। माई जल्ला दाखली के भंडारे में सेवादारों ने बढ़-चढ़ कर सेवा प्रदान की। दरगाह पर माथा टेक लोगों ने मन्नतें मांगी। इस मौके पर कलाकार अमित गोस्वामी, गुरसेवक अली, शेरू दीदार, सतीश पंजाब आदि ने प्रस्तुति देकर बल्लूशाह का गुणगान किया। इस मौके पर कलाकारों और सेवादारों को सम्मान प्रतीक देकर उनका सम्मान किया गया। बाबा नानकशाह नेतला ने पुलिस और प्रशासन तथा सभी क्षेत्रवासियों का आभार जताया। सेवादारों ने जल सेवा, लंगर सेवा प्रदान की।