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16 साल पुराने ट्रांसपोर्ट नगर में बिजली-पानी की सुविधा ही नहीं, डिस्कॉम ने थमाया 72 लाख का डिमांड नोटिस, नगर परिषद के पास फंड ही नहीं

3 वर्ष पहले
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जंक्शन में बाइपास पर ट्रांसपोर्ट नगर 16 वर्ष बाद भी विकसित नहीं हो पाया है। हैरानी की बात है कि नगरपरिषद यहां पर बिजली-पानी जैसी मुलभूत सुविधा भी नहीं दे पाई है। इससे परेशान भूखंड खरीददारों ने उपभोक्ता कोर्ट में गुहार लगाई तो परिषद ने डिस्कॉम से विद्युतीकरण के लिए तकमीना भिजवाने को कहा तो डिस्कॉम ने 72 लाख रुपए का डिमांड नोटिस भिजवा दिया। परिषद के पास बजट नहीं होने पर डिस्कॉम को अब निर्मित भूखंडों के आगे ही विद्युतीकरण कराने कराने के लिए संशोधित तकमीना भिजवाने को कहा गया है। परिषद अधिकारियों का कहना है कि संशोधित तकमीना मिलते ही राशि जमा कराकर विद्युतीकरण कराया जाएगा। बिजली-पानी की सुविधा नहीं होने के कारण हालत यह है कि नगर परिषद ने जिस उद्देश्य से ट्रांसपोर्ट नगर बसाया था वह उदासीनता के कारण वह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया है। इसमें सबसे बड़ी बाधा वहां अब तक विद्युतीकरण नहीं हो पाना है।

शहर के बीच ट्रांसपोर्ट होने के कारण यातायात व्यवस्था बेहाल है। खाली पड़े भूखंडों पर ट्रांसपोर्टरों को शिफ्ट करने के लिए नगरपरिषद प्रशासन कोई रुचि नहीं ले रहा है। इसके चलते ट्रांसपोर्ट कंपनियां अभी तक शहर के बीच संचालित हो रही है। नप आयुक्त राजेंद्र स्वामी का कहना है कि डिस्कॉम ने 72 लाख रुपए का डिमांड नोटिस भिजवाया है।

परिषद के पास इतना फंड नहीं है कि एक साथ पूरे ट्रांसपोर्ट नगर में विद्युतिकरण कराया जा सके। इसलिए ट्रांसपोर्ट नगर में जहां भूखंड निर्मित हैं वहां पर विद्युतिकरण के लिए दोबारा तकमीना तैयार कर संशोधित डिमांड नोटिस भिजवाने को कहा गया है। संशोधित डिमांड नोटिस मिलते ही राशि जमा कराकर विद्युतिकरण कराया जाएगा।

ट्रांसपोर्टर योगेश गुप्ता का कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर में बिजली-पानी की सुविधा नहीं होने के कारण परेशान हैं। बिजली पोल लगाकर छोड़ दिए गए लेकिन कनेक्शन नहीं दिए गए। कई बार गुहार लगाने के बाद भी अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि अन्य भूखंड खरीददार वहां पर कारोबार शुरू नहीं कर रहे हैं। अगर बिजली-पानी की सुविधा मिल जाए तो ट्रांसपोर्ट नगर विकसित हो सकता है।

कैसे होगा विकास

खाली पड़े भूखंडों पर ट्रांसपोर्टरों को शिफ्ट करने के लिए नगरपरिषद प्रशासन कोई रुचि नहीं ले रहा है

आईडीएसएमटी योजना के तहत विकसित करना था

आईडीएसएमटी योजना के तहत जंक्शन में अबोहर बाइपास पर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने की योजना बनाई गई थी। वर्ष 2002 में बनी इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर के अंदर संचालित हो रही ट्रांसपोर्ट कंपनियों को ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट किया जाना था। इसके लिए 365 भूखंड काटे गए थे। जिसमें से 142 भूखंड नीलामी में नगरपरिषद ने अन्य लोगों को बेच दिए। जिससे नगरपरिषद को 422.84 लाख रुपए की आय हो चुकी है। वहीं शेष 223 भूखंड खाली पड़े हैं।

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