भास्कर टीम|श्रीगंगानगर/हनुमानगढ़
प्रदेश में गुड्स एवं सर्विस टैक्स लागू होने के बाद सरकार ने व्यवहारियों के लिए राज्य के भीतर के संव्यवहार के लिए 20 मई से ई-वे बिल लागू करने का निर्णय लिया है। यह बिल राज्य के भीतर होने वाले समस्त कर योग्य संव्यवहारों पर लागू होगा। यानी व्यवहारी द्वारा 50 हजार से ज्यादा का माल कितनी भी दूरी पर भेजना या मंगवाना हो तो उसे यह बिल जारी करवाना आवश्यक होगा। व्यवहारी प्रदेश में 50 किलोमीटर तक कारोबार स्थल से आगे परिवहन के लिए माल ट्रांसपोर्ट के पास बुकिंग को भेजने एवं ट्रांसपोटर्स से माल वापस व्यवहारी के व्यवसाय स्थल तक पहुंचाने के लिए ई-वे बिल का पार्ट-ए भरना आवश्यक होगा।
हेल्प डेस्क बनाई, प्रशिक्षण भी दिया
संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) चंद्र प्रकाश मीणा ने बताया कि ई-वे बिल के लिए विभाग के समस्त अधिकारियों आयुक्त ने तत्काल तैयारियां चालू करने के निर्देश दिए हैं। इसी की पालना में अधिकारियों ने तहसीलवार समस्त व्यवहारियों एवं उद्योग व्यापार जगत के संघो को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। विभागीय स्तर पर हेल्प डेस्क का भी गठन किया गया है। विभाग के मास्टर ट्रेनर व्यवहारियों के ई-वे बिल की समस्याओं का हर समय निदान कर रहे हैं। ई-वे हेल्प डेस्क समस्त कार्यदिवसों पर कार्यालय समय में कार्य करेगी।