16 मेधावी बेटियों को मिली स्कूटी, 1153 बच्चों को दिए लैपटॉप
जंक्शन के सेक्टर 12 स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में जलसंसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने मेधावी स्टूडेंट्स को लैपटाॅप और छात्राओं को स्कूटी देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में आठवीं, दसवीं व 12वीं क्लास पास कर चुके 1153 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को लैपटॉप दिए गए जबकि 16 प्रतिभावान छात्राओं को स्कूटी प्रदान की गई। डॉ. रामप्रताप ने कहा कि बच्चों को मोबाइल व टीवी के दुष्प्रभावों से बचकर रहना चाहिए। सरकार की ओर से मेधावी बच्चों को लैपटॉप दिए गए हैं, इन्हें पढ़ाई में उपयोग करें ताकि आगे अधिक नंबर ला सकें। कार्यक्रम में जिला प्रमुख कृष्ण चोटिया, भाजपा जिलाध्यक्ष बलबीर बिश्नोई, नगरपरिषद सभापति राजकुमार हिसारिया, डीईओ माध्यमिक हरलाल सिंह, एडीईओ माध्यमिक रणवीर शर्मा, एडीईओ प्रारंभिक कृष्ण सिहाग, भाजपा प्रवक्ता जसप्रीतसिंह जेपी, भारत भूषण शर्मा, एडीपीसी रमसा रणवीर शर्मा, एईएन रमसा गुरूपाल सिंह, स्कूल के प्रधानाचार्य कुलवंत सिंह, प्रिंसिपल राजेंद्र सिंह, जितेंद्र बठला आदि मौजूद थे। मंच संचालन पवन कौशिक ने किया। मंच संचालन पवन कौशिक ने किया।
बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में जगह बनाने वाले विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
राबाउमावि आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ. रामप्रताप ने किया वितरण
माध्यमिक शिक्षा विभाग के एडीईओ रणवीर शर्मा ने बताया कि आठवीं, दसवीं व 12वीं की स्टेट मेरिट में शामिल बच्चों को किया गया। इसके अलावा जिला मेरिट में शामिल 100 बच्चों को लैपटॉप मिला। शर्मा ने बताया कि आठवीं कक्षा के छह हजार बच्चों की स्टेट मेरिट में जिले के 368 बच्चे शामिल थे। इन बच्चों के अलावा जिला मेरिट में शामिल 100 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को भी लैपटॉप देकर सम्मानित किया गया। इसी तरह दसवीं क्लास की स्टेट मेरिट में जिले के 284, प्रवेशिका के 5 और जिला मेरिट के 100 बच्चों समेत दसवीं के 389 छात्र-छात्राओं को लैपटॉप प्रदान किए गए। 12वीं की स्टेट मेरिट में जिले के 192 बच्चों के अलावा वरिष्ठ उपाध्याय के 4 और जिला मेरिट के 100 बच्चों सहित कुल 293 बच्चों को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया गया।
डीईओ माध्यमिक हरलाल सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान 16 बेटियों को स्कूटी देकर सम्मानित किया गया। इनमें पद्माक्षी पुरस्कार से सम्मानित 12वीं क्लास की छह बच्चियां शामिल हैं। इन्हें कुछ दिन पूर्व ही एक-एक लाख रुपए का पुरस्कार भी दिया गया था। इनके सामान्य वर्ग की आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों की दस बेटियों को भी स्कूटी दी गई, जिन्होंने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे। इनमें 12वीं की सात और दसवीं की तीन बेटियों शामिल हैं।