- Hindi News
- National
- 17 बीघा के दो गड्ढाें में जाता था शहर का बरसाती पानी, नप ने घटा 5 बीघा किया, सबकी चिंता कैसे होगी जल्दी निकासी
17 बीघा के दो गड्ढाें में जाता था शहर का बरसाती पानी, नप ने घटा 5 बीघा किया, सबकी चिंता-कैसे होगी जल्दी निकासी
टाउन में मुखर्जी कॉलोनी के पीछे गंदे पानी की जगह पर खुदाई और मिट्टी भर्ती का खेल पिछले पांच सालों से चल रहा है। हैरानी की बात है कि 2 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने के बाद भी बरसाती पानी की निकासी समस्या का स्थाई हल नहीं निकला है। वर्षों से नासूर बनी बरसाती पानी की समस्या हल करने के लिए दशहरा ग्राउंड प्रस्तावित किया गया है।
शहर में पहले मुखर्जी कॉलोनी में 12 बीघा गड्ढे और बिहारी बस्ती के 5 बीघा गड्ढे में बरसाती व गंदा पानी जमा होता था। अब नगर परिषद ने 12 बीघा भूमि में दशहरा ग्राउंड विकसित किए जाने के बाद शेष करीब पांच बीघा भूमि ही बरसाती व गंदे पानी ठहराव के लिए बचेगी। ऐसे में नागरिकों को यह चिंता सता रही है कि इतनी कम भूमि में शहर का पानी कैसे जमा होगा। हालांकि नगरपरिषद अधिकारियों का कहना है कि दशहरा ग्राउंड निर्माण के साथ इस बार स्थाई समस्या हल करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए शेष भूमि की खुदाई कराकर गहराई बढ़ाई जा रही है। आरयूआईडीपी एक्सईएन भरत कुमार टेपन का कहना है कि जलसंसाधन मंत्री ने जंक्शन वाटर वकर्स की जगह पर चल रही खुदाई की मिट्टी दशहरा ग्राउंड की जगह पर डलवाने के निर्देश दिए हैं। दशहरा ग्राउंड की साइट का अवलोकन किया है। परिषद अधिकारियों को लेवल चार्ट के साथ मेजरमेंट कराने को कहा है ताकि आरयूआईडीपी की ओर से डलवाई जाने वाली मिट्टी को लेकर बाद में ठेकेदार की ओर से भुगतान मांगने को लेकर कोई विवाद नहीं हो।
परिषद का दावा- 5 बीघा गड्ढे को कर रहे और गहरा, संपवैल भी बनाया, नहीं आएगी समस्या
1.संपवैल निर्माण: नगरपरिषद की ओर से बिहारी बस्ती के पीछे संपैवल व पंपिंग स्टेशन का निर्माण किया गया है। यहां पर तीन बड़ी मोटरें लगाई गई हैं। वहीं संपवैल से घग्घर तक पाइपलाइन बिछाई गई है। इन मोटरों से पानी पंप कर पाइपलाइन के माध्यम से घग्घर में डाला जाएगा। इस कार्य पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
2.पांच बीघा भूमि की कर रहे खुदाई: दशहरा ग्राउंड के साथ लगती बिहारी बस्ती के गड्ढे की 5 बीघा भूमि पर बरसाती पानी का ठहराव होगा। यहां से पानी संपवैल में जाएगा। इस जोहड़ को चार मीटर गहरा किया जा रहा है। इस कार्य पर करीब 50 से 60 लाख रुपए खर्च होंगे। अधिकारियों का दावा है कि सीवरेज शुरू होने के बाद इसका पूरी तरह से फायदा मिलेगा।
3.बाइपास के साथ बनेगा नाला: सतीपुरा बाइपास से जोड़ने वाले बाइपास के साथ नाला निर्माण किया जाएगा ताकि वह पानी मुखर्जी कॉलोनी से न होते हुए सीधा बाइपास के साथ-साथ प्रेमनगर और रुपनगर सहित अन्य क्षेत्रों का गंदा और बरसाती पानी नाले से संपवैल तक पहुंचाया जा सके। इसके लिए परिषद की ओर से एक करोड़ 18 लाख रुपए का टेंडर लगाया गया है।
इधर, मंत्री का निरीक्षण, शहर खुदाई से निकली मिट्टी दशहरा मैदान में डालेंगे
जलसंसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने दैनिक भास्कर में प्रकाशित समाचार पर संज्ञान लिया है। उन्होंने बुधवार सुबह हैड वाटर वर्क्स में मिट्टी खुदाई को लेकर चल रहे कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने आरयूआईडीपी अधिकारियों को रिजर्वायर खुदाई की मिट्टी दशहरा ग्राउंड की जगह पर डलवाने के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश पर आरयूआईडीपी एक्सईएन भरत कुमार टेपन ने अपनी टीम के साथ शाम को दशहरा ग्राउंड के लिए प्रस्तावित जगह का अवलोकन कर नगरपरिषद अधिकारियों से मिट्टी भर्ती को लेकर चर्चा की। उन्होंने लेवल चार्ट बनाकर मेजरमेंट कराने को कहा ताकि आरयूआईडीपी की ओर से डाली जाने वाली मिट्टी का ठेकेदार क्लेम नहीं कर सके।
एईएन- संपवैल का ट्रायल शुरू
नप एईएन राजेंद्र स्वामी का कहना है कि जल्द ही दशहरा ग्राउंड की जगह पर मेजरमेंट प्रक्रिया पूरी कर आरयूआईडीपी से मिट्टी डलवाई जाएगी। दशहरा ग्राउंड को लेकर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। संपवैल का निर्माण पूरा होने के साथ ट्रायल शुरू कर दिया है।
आयुक्त- गलत हुआ तो कार्रवाई
नप आयुक्त व एसडीएम सुरेंद्र पुरोहित का कहना है कि दशहरा ग्राउंड की टेंडर फाइल का अध्ययन कर गुरुवार को साइट देखूंगा। इसके बाद ही कुछ बता पाऊंगा। अगर कुछ गलत हो रहा है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पार्षद- समस्या हल, राहत मिलेगी
वार्ड पार्षद व पूर्व पालिकाध्यक्ष अमरसिंह राठौड़ का कहना है कि दशहरा ग्राउंड बनने से शहर के लिए नासूर बन चुकी गंदे पानी की समस्या हल होगी। पानी निकासी की समस्या नहीं रहे इसको लेकर पूरा ध्यान रखा गया है। मिट्टी भर्ती को लेकर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
गढ्ढे से खुदाई कर दशहरा ग्राउंड की जगह पर डाल रहे सिल्ट
दशहरा ग्राउंड के साथ लगती करीब पांच बीघा भूमि में शेष जोहड़ से खुदाई का कार्य चल रहा है। वहीं दशहरा ग्राउंड की जगह पर भर्ती की जा रही है। इस कार्य के लिए ठेकेदार की ओर से मिट्टी भर्ती कराने के साथ ही जोहड़ खुदाई में निकाली जा रही सिल्ट दशहरा ग्राउंड की जगह पर डाली जा रही है। हालांकि इस सिल्ट को दूसरी जगह पर डाला जाना चाहिए। ऐसे में ठेकेदारों को भुगतान में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।