16 शृंगार कर निकली गौरा रानी, दूल्हा बने धनियर राजा, बाराती बन नाचे लोग
हरदा| 9 दिनी गणगौर उत्सव के आखिरी दिन सभी की आंखें नम हो गईं। गौरा रानी 16 शृंगार कर दूल्हा बने धनियर राजा के साथ निकलीं। विदाई के दौरान श्रद्धालु गीत संगीत की धुन पर जमकर नाचे। विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने के निवास पर 10 से 18 अप्रैल के बीच गणगौर उत्सव का आयोजन हुआ। इसमें रोज महिलाओं ने गीत गाए, पाती खेली। रात में प्रदेश के प्रसिद्ध भजन मंडलों व गणगौर मंडलों के कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में स्वांग रचकर प्रस्तुति दी। बुधवार को समापन पर सभी ने गणगौर माता को धनियर राजा के साथ नम आंखों से विदा किया। पेढ़ीघाट के पास अजनाल नदी में गुप्तेश्वर मंदिर के सामने ज्वारों का विसर्जन हुआ। सुबह प्रसादी वितरण हुआ।