मोबाइल फोटो को सबूत मानने कानून में संशोधन की मांग
शहर के अधिवक्ता कैलाश राठौर ने मोबाइल से लिए जाने वाले फोटोग्राफ्स को सबूत मानने के लिए साक्ष्य अधिनियम (एविडेंस एक्ट) में संशोधन की मांग को लेकर बुधवार को कानून एवं आईटी विभाग मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखा।
इसमें उन्होंने लिखा साक्ष्य अधिनियम 1872 में संशोधन कर मोबाइल की तस्वीरों को सबूत माना जाना चाहिए। इससे विरोध प्रदर्शन करने पर संगठनों से क्षतिपूर्ति राशि दिलाना चाहिए। इसके लिए सीआरपीसी एक्ट में भी संशोधन किया जाए, जिससे तोड़फोड़ की जिम्मेदारी तय कर क्षतिपूर्ति दिलाई जा सके। राठौर ने बताया आईटी एक्ट 2000 इलेक्ट्रानिक्स रिकार्ड को साक्ष्य एक्ट के तहत कानूनी मान्यता दे चुका है। इससे ई मेल तस्वीरों, एसएमएस के रूप में सबूतों को एक प्रमाण पत्र के साथ एक्ट की धारा 65 बी के तहत लाया जा सकता है। साक्ष्य एक्ट की धरा 65 कोर्ट में इलेक्ट्रानिक्स रिकार्ड के सबूत की शर्तों व प्रक्रिया को निर्धारित करता है।