इंजीनियरों ने कहा- सालों से सरकार कर रही उनका शोषण
हरदा। नारेबाजी करते हुए इंजीनियर।
लगातार 14वें दिन भी जारी रही हड़ताल, कई विभागों के काम हुए ठप
भास्कर संवाददाता| हरदा
अपनी पांच सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को भी डिप्लोमा इंजीनियर हड़ताल पर डटे रहे। इंजीनियरों की लगातार 14वें दिन से चल रही हड़ताल के कारण कई विभागों के काम व योजनाएं पूरी तरह से ठप हो गईं हैं। वहीं रोजगार सहायकों ने भी मंगलवार से हड़ताल शुरू करने की प्रशासन को आवेदन देकर सूचना दे दी।
मप्र डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन के सचिव विष्णु पवार ने कहा प्रदेश सरकार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। बीते एक दशक से ज्यादा समय से प्रदेश में संविदा कर्मी संविदा कल्चर की आड़ में ऐसे कर्मचारियों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कई इंजीनियरों ने 10 से 15 साल की सेवाएं दी हैं। अभी भी उनके भविष्य का कोई ठिकाना नहीं है। एसोसिएशन अध्यक्ष आरबी लौवंशी ने कहा संविदा पर विभिन्न विभागों में दशकों से अपनी सेवाएं दे इंजीनियर नियमित इंजीनियरों की तरह ही पूरी ईमानदारी से दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद भी उनके और संविदा वाले इंजीनियरों के वेतन में कई गुना का अंतर है। कोषाध्यक्ष केके गुर्जर ने कहा जब सरकार उनसे नियमित कर्मचारियों जैसा काम ले रही है तो उनके जैसी सुविधाएं और वेतन भत्ते देने में भेदभाव क्यों किया जा रहा है। पदाधिकारियों ने कहा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी हड़ताल जारी रहेगी। इधर रोजगार सहायकों के हड़ताल पर जाने से पंचायत के भी कई काम प्रभावित होने की आशंका है।