28 गांवों में गहराया पेयजल संकट, पानी के लिए परेशान हो रहे तीस हजार लोग
जिले के 28 गांवों में जलस्तर 40 मीटर से अधिक नीचे चला गया है। इस कारण इन गांवों (बसाहटों) में पेयजल संकट गहरा गया है। इसके अलावा 50 गांवों में आंशिक पेयजल किल्लत है। इन गांवों में ढाने व मोहल्ले शामिल हैं। इस बात का खुलासा मंगलवार को हुई बैठक में हुआ। जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष कोमल पटेल ने जल संकट वाले गांवों में तत्काल पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा निजी जल स्रोतों से पानी की व्यवस्था करें, ताकि ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़े। उन्होंने विभागवार कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान खाद्य, स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग द्वारा पिछली बैठक का प्रतिवेदन नहीं देने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई। उन्होंने विभाग के पीएस को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय निर्माण में आ रही समस्याओं को तीन दिन में तलब किया। जिला पंचायत अध्यक्ष पटेल ने खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा विभाग द्वारा लक्ष्य हासिल नहीं करने पर भी नाराजगी जताई।
बैठक में पीएचई विभाग के एसडीओ जेएस ठाकुर ने बताया जिले में 4005 में से 395 हैंडपंप जलस्तर कम होने के कारण बंद हैं। हरदा तहसील के 5 गांवों, खिरकिया के 14 व टिमरनी के 9 बसाहटों में पेयजल संकट गहरा गया है। इन गांवों, बसाहटों व ढानों के करीब 30 हजार लोगों पानी किल्लत का सामना कर रहे हैं। उन्हें आसपास के स्रोतों से पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी तरह हरदा के 2, खिरकिया के 12 व टिमरनी के 9 गांवों में आंशिक पेयजल संकट है। उन्होंने बताया जिले की 121 में से 18 नलजल योजनाएं अलग-अलग कारणों से बंद हैं। इन्हें शुरू कराने के प्रयास किए जाएंगे। अध्यक्ष पटेल ने पेयजल संकट वाले गांवों में निजी स्रोतों से ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा हनीफाबाद, करनपुरा एवं सोनखेड़ी में भी पेयजल संकट है। इसका निराकरण कराया जाए।
हरदा। बैठक में पेयजल संकट निराकरण के निर्देश देते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष।
दस वर्षों से जिन सड़कों का नहीं हुआ निर्माण, टेंडर
किया जाए निरस्त
पूर्व राजस्व मंत्री कमल पटेल ने बैठक में कहा उन्होंने 10 वर्ष पहले सड़कें मंजूर कराईं थी, लेकिन अब तक सड़कों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इन मार्गों के टेंडर निरस्त कर पुन: डीपीआर तैयार कराएं। वे दो माह में सड़कों को पुन: मंजूर कराएंगे। जानकारी के मुताबिक गांगला से हंडिया, हंडिया से भमौरी मार्ग, नांदरा से गुल्लास मार्ग, हंडिया से सिगोन, नीमगांव बायपास, नकवाड़ा मार्ग, अबगांवखुर्द में पुलिया, बिछौला से कचबैड़ी मार्ग, रातातलाई बायपास, जयमलपुरा से खंडवा को जोड़ने वाली पुलिया का निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष ने खनिज विभाग को जिले की रेत खदानों के 15 दिन में सीमांकन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
जुलाई में रोपे जाएंगे 18.11 लाख पौधे
जिले में जुलाई में पौध रोपण अभियान के तहत 18.11 लाख पौधे रोपे जाएंगे। इसमें वन विभाग 14.98 लाख व उद्यानिकी विभाग 3.13 लाख पौधे रोपेगा। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने पौधे रोपण की कार्ययोजना प्रस्तुत की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ केडी त्रिपाठी सहित जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद थे।
यहां लगेंगी इंसीनेटर मशीनें
बैठक में जिले में शिक्षा विभाग एवं महिला सशक्तिकरण विभाग द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय चारूवा, बालिका छात्रावास खिरकिया, हरदा, हंडिया, टेमागांव, बालिका छात्रावास बोरी एवं महिला सशक्तिकरण कार्यालय हरदा में इंसीनेटर मशीन लगाने का प्रस्ताव पारित किया।