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कॉलोनी काटने कम था रकबा, बाजू के रकबे को अपना बताकर पास कराया टीएंडसीपी से नक्शा

3 वर्ष पहले
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नई कॉलोनी बनाने के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से नक्शा पास कराने में एक कॉलोनाइजर के पास सवा एकड़ जमीन कम पड़ गई। इस कारण परमिशन नहीं मिल सकी। इससे निपटने के लिए कॉलोनाइजर ने बाजू में पहले बसी कॉलोनी व उसके खाली प्लाटों को अपनी रकबे में शामिल बताकर वांछित रकबा पूरा बताते हुए नक्शा पास करा लिया। जिस जगह पहले से लोगों की बसाहट है, वहां नक्शे में पार्क व रोड बताया है। इससे वहां रह रहे नागरिक चिंतित हैं। मंगलवार को ऐसे दर्जनों लोगों ने प्लॉट विक्रेता द्वारा रुपए लेने के बाद भी उनके पक्ष में रजिस्ट्री नहीं करने की कलेक्टर से लिखित शिकायत कर निर्माण रुकवाने की मांग की।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने इंदौर रोड पर हरदा खुर्द में सुदामा नगर कॉलोनी में स्थित भूखंड पूर्व में मो. हनीफ पिता मो. हुसैन ने खरीदने का सौदा किया। वे पूरी राशि दे चुके हैं। लेकिन अभी तक विक्रय पत्र का पंजीयन नहीं कराकर दिया। उन्होंने रजिस्ट्री के लिए कई बार आग्रह किया लेकिन मो. हनीफ ने हर बार संबंधित प्लॉटों में विवाद होने का तर्क देकर हीला हवाली करते हुए रजिस्ट्री नहीं कराई।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उनके भूखंडों से लगी उत्तर दिशा में पिंक एवेन्यू कॉलोनी है। कॉलोनाइजर के पूर्व में 3 अप्रैल 13 काे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अपनी 3.85 एकड़ भूमि में कॉलोनी बनाने नक्शा के अनुमोदन की मंजूरी मांगी थी। लेकिन विभाग ने कॉलोनी के लिए तय नियम अनुसार 5 एकड़ से कम रकबा होने से अनुमति नहीं दी।

इसके बाद कॉलोनाइजर ने मो. हनीफ की भूमि खसरा नंबर 27/62 में से रकबा 1.24 एकड़ को खाली बताकर अपने रकबे में शामिल कर विभाग को भ्रामक जानकारी देकर सांठगांठ से नक्शा पास करा लिया। जबकि हकीकत यह है कि इस भूमि पर नक्शा अनुमोदन कराने की तारीख से कई साल पहले से ही सुदामा नगर के नाम से कॉलोनी बसी हुई है, जिसमें शिकायतकर्ता या तो रहते हैं या उनके प्लॉट हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कॉलोनाइजर ने खसरा नंबर 27/62 को अपने रकबे में शामिल दर्शाकर जो नक्शा अनुमोदित कराया है, उसमें उस स्थान पर पार्क व रोड बताई जा रही है, जहां पर उनके भूखंड व मकान हैं। यदि नक्शे के अनुसार आगे कॉलोनाइजर ने काम कराया तो उसके मकान व भूखंड भी इसकी जद में आएंगे, जिससे वे बेघर हो जाएंगे। कॉलोनी के सभी लोगों ने मौके का निरीक्षण कराकर और कॉलोनाइजर द्वारा अनुमोदन के लिए पेश कागजातों की जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की। शिकायत पर कॉलोनी के रामगोपाल कौशल, पुरुषोत्तम लोहार, रुक्मणि कहार ,कुलसुम शेख,अर्जुन सिंह पवार, नर्मदा प्रसाद बामने, हमीद, कन्हैयालाल गोंड, शिवनारायण कोसा, शेख कल्लन, गुडडू पवार, दिनेश भाटी के नाम व हस्ताक्षर हैं।

जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी

जन सुनवाई में कॉलोनी के लोगों ने आवेदन देकर शिकायत की है तो, राजस्व अधिकारियों को भेजकर रिकार्ड व मौके की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अनय द्विवेदी, कलेक्टर, हरदा

हमारा रकबा रिकार्ड में स्पष्ट है। नक्शा अनुमोदन के लिए जमीन कम थी, तो हमने पड़ोस के जमीन मालिक से सहमति लेकर उनके खाली रकबे को इसमें शामिल किया था। इसमें सिर्फ वे ही खाली भूखंड (रकबा) टीएंडसीपी ने मौका निरीक्षण के बाद शामिल किए जो राजस्व रिकार्ड में दर्ज थे। हमने कोई अतिक्रमण या कब्जा किसी की जमीन पर नहीं किया। डायवर्सन व विकास की विधिवत अनुमति ली है। हम अपने एरिया में विकास व निर्माण कर रहे हैं। कोई धोखाधड़ी नहीं की। दिगेंद्र बिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, पिंक एवेन्यू कॉलोनी हरदा

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