खंती खोद रहे मजदूरों को बताए मनरेगा के नियम
हरदा। गांव में जानकारी देते पदाधिकारी।
संभाग के पदाधिकारी ने मजदूरों से पूछा, सालभर में कितने दिन मिला काम, कितने दिन भत्ता
भास्कर संवाददाता | हरदा
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रांतीय और संभाग के पदाधिकारी मंगलवार को खिरकिया विकासखंड के मक्तापुर व जूनापानी पंचायत पहुंचे। इस दौरान गांवों में काम कर रहे मजदूरों से मुलाकात कर योजना के बारे में नियम कानून बताए। साथ ही सालभर में काम व भुगतान मिलने के बारे में जानकारी हासिल की।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश संयोजक हेमंत टाले ने बताया संभाग के पदाधिकारी मंगलवार को मक्तापुर पहुंचे। यहां मजदूर मनरेगा में काम कर रहे थे। जिन्होंने 10 फीट लंबी, 5 फीट चौड़ी व डेढ़ फीट गहरी खंती की खुदाई करने पर 74 रुपए मजदूरी देने की जानकारी दी। मौके पर काम कर रही जॉब कार्डधारक सेवंती बाई, द्रोपती बाई ने बताया गांव में काम सालभर में बहुत मुश्किल से ही मिलता है। काम नहीं देने पर रोजगार भत्ते के आवेदन भी पंचायत नहीं लेती।
ऐसे में गांव से दूसरे गांव काम की तलाश में जाना पड़ता है। संगठन के संभागीय संयोजक मोहन विश्नोई ने बताया जूनापानी में भी लंबे समय बाद मजदूरों ने काम मिलने की बात कही। उन्होंने कहा सरकार लगातार मनरेगा का बजट कम कर रही है। इससे यूपीए सरकार की गांवों में ही काम देकर मजदूरों का पलायन रोकने की योजना पर मोदी सरकार पानी फेर रही है। एडवोकेट सुखराम वामने ने कहा समय पर काम न मिलना और यदि काम मिले तो महीनों तक भुगतान न होने से मजदूरों में योजना के प्रति अरुचि पैदा होने लगी है।
प्रवक्ता आदित्य गार्गव ने बताया संगठन की टीम 14 अप्रैल से लगातार जिले के गांवों में मजदूरों के बीच जाकर योजनाओं के हर पहलू की जानकारी दे रही है। काम मांगने के लिए तय फार्मेट व जागरूकता के लिए पंपलेट बांट रही है। इस दौरान मिलने वाली हकीकत का पुलिंदा ज्ञापन के रूप में राज्यपाल को सौंपा जाएगा।