इंजीनियर अपनी लंबित 5 मांगों को लेकर 20 दिन से हड़ताल पर हैं। विभिन्न सरकारी विभागों में चल रहे निर्माण व दूसरे कार्यों का तकनीकी निरीक्षण नहीं होने से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। निर्माण कार्यों की प्रगति जिले में शून्य हो गई है।
डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन अध्यक्ष आरबी लौवंशी ने कहा प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर सभी विभागों के कार्यपालन यंत्रियों को इस आशय का पत्र लिखा है कि वे हड़ताल के दौरान उप यंत्रियों को किसी काम को पूरा करने के न तो निर्देश दें न ही किसी प्रकार से दबाव बनाएं। निर्वाचन कार्य में लगे इंजीनियरों को भी हड़ताल अवधि में मुक्त रखने की कलेक्टर से मांग की है।
सचिव विष्णु पवार ने कहा सीएम से लगातार प्रांतीय नेतृत्व बात कर रहा है, लेकिन जब तक मांगें पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मांगों में नियमितीकरण व पे ग्रेड सुधार की मांग शामिल है। प्रांतीय सचिव आरके यदुवंशी ने कहा सोमवार से हड़ताल में सभी विभागों के डिप्लोमा धारी असिस्टेंट इंजीनियर भी शामिल हुए हैं। इससे कई काम और प्रभावित होंगे। हड़ताल से मनरेगा, सर्व शिक्षा अभियान, नहरों की लाइनिंग तथा निर्माणाधीन भवनों का मूल्यांकन प्रभावित हो रहा है। हड़ताल में एसी मांदलिया, सोहित गोयल, अलकेश ठाकुर, मंजूश्री मंडराई, सुनीता सेजकर, आनंद बोेरासी, योगेश राजपाल, विवेक भारद्वाज, योगेश गुर्जर, जितेंद्र चौहान, केके गुर्जर आदि शामिल हुए।
हरदा। इंजीनियर हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते हुए।