मजदूरों से मनरेगा के बारे में किया संवाद
राजीव गांधी पंचायत राज संगठन ने आंबेडकर जयंती से जिले में एक नए कार्यक्रम की शुरुआत की है। संगठन की टीम ग्राम कुकरावद पहुंची। गांव के लोगों को गांव में ही एक साल में 100 दिन का रोजगार मुहैया कराने के लिए चालू की गई मनरेगा योजना की हकीकत की पड़ताल के लिए यह अभियान 17 दिन तक चलेगा। पहले दिन कुकरावद व आसपास के गांव के लोगों से सीधा संवाद कर योजना की हकीकत जानने की कोशिश की।
संगठन के प्रदेश संयोजक हेमंत टाले ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। जॉब कार्डधारी मनोहरलाल ने बताया मनरेगा में ज्यादातर पात्रता के बाद भी उन्हें काम नहीं दिया है। इस कारण कई गांवों में पलायन हो रहा है। शिवराम ने कहा कई जगहों पर मशीनों से काम कराया गया। इस कारण लोग परेशान होते रहे। लेकिन काम नहीं मिला। सुशीला बाई ने कहा कई पंचायतों ने जॉब कार्ड धारकों को या तो नाम मात्र का काम दिया। जिससे उनकी शिकवा शिकायत न हो। वहीं भुगतान के लिए कई बार गांव से शहर तक अफसरों के चक्कर लगाने पड़े। प्रदेश संयोजक हेमंत टाले ने केंद्र में सरकार बदलने के बाद इस योजना के संचालन में आई विसंगतियों पर विचार रखे। टाले बताया आंबेडकर जयंती से मजदूर दिवस के बीच 17 दिन में जिले के कई गांवों में मनरेगा को लेकर सीधा संवाद होगा।
जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पवार ने बताया संवाद में उभरकर आने वाली विसंगतियों से प्रशासन को अवगत कराया जाएगा। इसमें सुधार की मांग करेंगे। संभागीय संयोजक मोहन विश्नोई ने कहा यह योजना काम देकर गांवों से मजदूरों का पलायन रोकने की थी, लेकिन यूपीए सरकार के बाद भाजपा ने लगातार इसका बजट कर किया, इससे यह विफल हो गई। एडवोकेट सुखराम बामने, अनिल सूरमा, इकबाल अहमद, आदित्य गार्गव ने भी संबोधित किया।
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हरदा। ग्रामीणों से सीधा संवाद कर जानकारी लेते संगठन पदाधिकारी।