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मुख्यालय पर बनेगा मॉडल कॉलेज, जुलाई से किराए के भवन में शुरू होंगी कक्षाएं

3 वर्ष पहले
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मुख्यालय पर मॉडल कॉलेज खुलने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने इसी सत्र से नया मॉडल कॉलेज शुरू करने का आदेश कलेक्टर को भेज दिया है। फिलहाल इसकी शुरुआत शहर में किसी किराए के भवन में जुलाई से होगी। इसमें 73 लोगों का स्टाफ रहेगा। भवन बनाने के लिए 12 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। मॉडल कॉलेज के लिए 10 एकड़ जमीन की जरूरत है। लेकिन प्रशासन अबगांव खुर्द में सिर्फ 6 एकड़ जमीन ही उपलब्ध करा पाया है। इस कारण यह मामला अधर में अटका हुआ था।

करीब ढ़ाई साल पहले हरदा के लिए सरकार ने प्रदेश के 14 जिलों के लिए मॉडल कॉलेज की घोषणा की थी। इसमें हरदा भी शामिल था। कॉलेज भवन, स्टाफ आवास, स्पोर्ट कांप्लेक्स, पार्किंग जोन, कैंटीन तथा सभी सुविधाओं के लिए 10 एकड़ जमीन चाहिए थी। लेकिन शहर में आसपास में कहीं भी अभी तक 10 एकड़ जमीन नहीं मिली। अबगांव में सिर्फ 6 एकड़ जमीन मिलने से मामला अटका था।

शुक्रवार को मप्र शासन उच्च शिक्षा विभाग ने पत्र कलेक्टर के नाम पत्र जारी किया। इसमें सत्र 2018-19 से कॉलेज शुरू करने के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा है कि जहां अभी भवन का निर्माण नहीं हो सका है वहां पर किराए के भवनों में कक्षाएं लगाईं जाएं। साथ ही प्रशासन नया भवन बनाने जमीन की तलाश करे।

जमीन की तलाश की जा रही है
मॉडल कॉलेज के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। खिरकिया के लिए भी प्रयास जारी हैं। अनय द्विवेदी, कलेक्टर, हरदा

हरदा| मॉडल कॉलेज के लिए अबगांव खुर्द में आरक्षित 6 एकड़ जमीन पर बाउंड्रीवॉल बनते हुए।

खिरकिया में सरकारी कॉलेज भवन बनाने के लिए जमीन है, पर रुपए नहीं
खिरकिया में भी एक सरकारी कॉलेज की जरूरत है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए समाजसेवियों ने यहां कुल 6.02 एकड़ जमीन दान दे दी है। लेकिन यहां भवन बनाने के लिए सरकार से राशि नहीं मिल पा रही है। कॉलेज की लिए राशि की मांग को लेकर पिछले साल एनएसयूआई ने खिरकिया से हरदा तक 35 किमी की पैदल यात्रा निकाली थी। जिलाध्यक्ष योगानंद राजपूत ने बताया कॉलेज के अभाव में हर साल आसपास के गांवों की 100 छात्राओं को पढ़ाई बीच में छोड़ना पड़ता है।

लीड कॉलेज पर है लोड
जिला गठन से पहले से ही शहर में सिर्फ एकमात्र सरकारी कॉलेज है। इसमें भी कई विषय की पढ़ाई नहीं होती है। यहां यूजी व पीजी में करीब 3200 विद्यार्थी हैं। यहां कैंटीन, पार्किंग, पर्याप्त बैठक के लिए कमरों का अभाव है। 10 साल से प्राचार्य नहीं है। प्रभारी के भरोसे व्यवस्था चल रही है। स्टाफ भी पर्याप्त नहीं है। 60 फीसदी पदों पर अतिथि विद्वानों की नियुक्ति है।

ऐसा होगा मॉडल

कॉलेज
मॉडल कॉलेज हर सुविधाओं के लिहाज से आदर्श होगा। इसमें कला, वाणिज्य, विज्ञान तथा अन्य सभी संकाय होंगे। प्रयोगशाला, बैठक, शौचालय आदि की सुविधा होगी, पूरा स्टाफ होगा। स्वामी विवेकानंद कॉलेज के जनभागीदारी समिति अध्यक्ष मुकेश पालीवाल ने बताया अभी सरकार ने 73 लोगों का स्टाफ मंजूर किया है। कॉलेज में हर विषय को पढ़ने व पढ़ाने की सुविधा होगी। पालीवाल ने बताया पूर्व मंत्री कमल पटेल, नपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन, जिलाध्यक्ष अमरसिंह मीणा लगातार इसे शुरू कराने के लिए प्रयासरत थे। प्राचार्य विजय अग्रवाल ने बताया मॉडल कॉलेज राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रुसा) के तहत खुल रहे हैं। हरदा में इसके निर्माण के लिए 12 करोड़ की मंजूरी मिली है। अभी कलेक्टर से चर्चा करेंगे। मिलकर संभावित विकल्पों पर बातचीत होगी। इसी सत्र से इसकी शुरुआत होना है।

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