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3 दिन के इंतजार के बाद भी नहीं तुल रहा चना, मंडी में गुजर रही किसानों की रातें

3 वर्ष पहले
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जिला प्रशासन ने तुलाई के इंतजार में विदिशा में हुई किसानों की मौत से भी कोई सबक नहीं लिया है। कृषि उपज मंडी में किसानों को चना बेचने के लिए तीन-तीन दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार को मंडी में धीमी तुलाई व्यवस्था को लेकर किसानों में नाराजगी रही थी। रात में चना की रखवाली के लिए ट्रॉली पर सोना उनकी मजबूरी है, लेकिन अधिकारी तुलाई में तेजी लाने के कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक जिले में 20 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू हुई, जो 20 मई तक होगी। अब तक 33 हजार किसानों से 3.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। जिले में गेहूं खरीदी पूरी हो चुकी है। 25 से अधिक केंद्र बंद हो चुक हैं, लेकिन चना खरीदी अभी जोरशोर से चल रही है। हरदा, टिमरनी व खिरकिया के सात केंद्रों पर सोसाइटियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर चना खरीदी की जा रही है, लेकिन केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक तौल कांटे से धीमी गति से तुलाई होने की वजह से दो से तीन दिन बाद भी चना नहीं तुल पाने से किसानों की रातें मंडी में काटनी पड़ रही है। नीमगांव सहकारी समिति में सबसे अधिक 2700 किसानों से 1.84 लाख क्विंटल चना खरीदा जाना है। इसमें से 45 हजार क्विंटल चना खरीदा है। सहायक समिति प्रबंधक सुरेश विश्नोई ने बताया एक दिन पहले हुई बारिश के कारण अव्यवस्था हुई है। किसानों को एक दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए इलेक्ट्रानिक कांटे बढ़ाए जा रहे हैं। इसके अलावा सहकारी समिति मसनगांव में 87 हजार, भुन्नास में 75 हजार व किसान विपणन सहकारी समिति में 90 हजार क्विंटल खरीदी होना है। हालांकि, रोज समिति संख्या में किसानों को मैसेज भेजकर केंद्र पर बुलाया जा रहा है।

किसानों को सता रहा बारिश का डर

बेमौसम बादल छाने से किसानों को बारिश का डर सता रहा है। दो दिन पहले तेज हवा-आंधी आने की वजह से किसान परेशान हैं। बारिश होती है तो चना खराब होने का डर है। इसी वजह से किसान चना बेचने की जल्दी में है।

हरदा। शेड में दो-तीन दिन से तुलाई के इंतजार में खड़ी चने की ट्राॅलियां।

2 हजार रुपए रोज लग रहा किराया

सोनतलाई के किसान गोविंद ने बताया उन्हें 2 हजार रुपए ट्रॉली का किराया लग रहा है। भूख-प्यासे जैसे-तैसे दिन निकाल रहे हैं। 16 मई की दोपहर में ट्रॉली लेकर मंडी पहुंचे, 17 मई को उन्हें टोकन मिला, लेकिन 18 मई की देर शाम तक गेहूं नहीं तुल पाया। उन्हें तीन दिन का ट्रॉली भाड़ा 6 हजार रुपए जेब से चुकाना होगा।

समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी कल से होगी बंद

समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 20 मई को शाम 5 बजे तक होगी। इसके लिए किसानों को मैसेज किए जा रहे हैं। अंतिम दिन तौल केंद्र पर आने वाले किसानों को टोकन मिलेगा, ताकि शाम 5 बजे के बाद भी उनका गेहूं तौला जा सके और खरीदी की प्रक्रिया पूरी हो सके।

चना उपज की खरीदी का गणित

चना बोवनी : 86000 हेक्टेयर औसत उत्पादन : 16 क्विंटल प्रति एकड़ कुल पंजीकृत किसान : 22589 चना बेचने वालों की संख्या : 14000 अब तक खरीदा गया चना : 40000 टन

प्लेट कांटे से तुलाई की जानी चाहिए

इलेक्ट्रानिक तौल कांटे की बजाए प्लेट कांटे से तुलाई की जानी चाहिए। इससे चना खरीदी में तेजी आएगी। किसानों को परेशान भी नहीं होना पड़ेगा। आसपास के जिलों में भी प्लेट कांटे से तुलाई हो रही है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। मुकेश पटेल, अबगांवकलां

तुलाई तेजी से होनी चाहिए

तीन दिन से चना तुलाई के इंतजार में ट्रॉली पर रात गुजर रही है। लेकिन चना नहीं तुला। टोकन देने के बाद किसी ने सुध नहीं ली, बारिश होती है तो किसानों का चना खराब हो जाएगा। प्रशासन को चुना तुलाई में तेजी लानी चाहिए। गाेविंद विश्वकर्मा, सोनतलाई

रोज मंडी का दौरा कर व्यवस्थाएं देखी जा रही हैं। बारिश होने व पोर्टल नहीं चलने की वजह से दिक्कत आई है। इसे शीघ्र दुरुस्त कर लिया जाएगा। छविकांत बाघमारे, सहायक आयुक्त, सहकारी संस्थाएं

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