मार्च से ही गर्मी से जूझ रहे लोगों को अब और ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा। ग्रह-नक्षत्रों एवं मौसम विभाग के ताजा संकेत बता रहे हैं कि अब बहुत जल्द ही तेज गर्मी से निजात मिलेगी। ज्योतिषियों के मुताबिक कृतिका नक्षत्र के अभी गतिशील रहने से 25 मई को नवतपा लगने से पहले ही जिले में प्री-मानसून बारिश शुरू हो सकती है। इसके असर से रोहिणी नक्षत्र अवधि में भी बूंदें होगी। जबकि सूर्य का कर्क राशि में भ्रमण पूरा होने से 6 जुलाई तक गर्मी से भी पूरी तरह राहत मिलने के आसार हैं। इधर, मौसम विभाग के संकेत बताते हैं कि यदि सबकुछ ठीक रहा तो शहर व जिले में इस साल 10 जून से मानसून दस्तक देगा। सामान्यतः: जुलाई- अगस्त में ज्यादा बारिश होती है, लेकिन इस साल जून व सितंबर ज्यादा भीगेंगे।
ज्योतिष
सूर्य का कर्क राशि में भ्रमण पूरा होने से 6 जुलाई तक गर्मी से मिलेगी पूरी तरह राहत
मौसम विभाग: गर्मी बढ़ी, बरसेंगी बूंदें, दो माह ज्यादा बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सामान्यतः: मार्च से ही प्री-मानसून एक्टिविटी शुरू होना माना जाता है। वर्तमान में भी जिले में कहीं-कहीं आंधी चलकर बूंदाबांदी के समाचार मिल रहे हैं। शहर में बादल भी छा रहे हैं। आगामी 4-5 दिन में गर्मी और बढ़कर यदि पारा 43-44 डिग्री के आसपास जाता है तो आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि 1-2 इंच बारिश पर उसे प्री-मानसून बारिश होना माना जाता है। रोहिणी नक्षत्र में यदि ऐसी स्थिति बनती भी है तो गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन उमस ज्यादा बढ़ने से बेचैनी रहेगी। मानसून के 28 मई तक केरल पहुंचने के प्रारंभिक संकेत हैं। यदि इस समय तक मानसून केरल पहुंचता है तो जिले व शहर में 10 जून के आसपास मानसून बारिश शुरू होने की पूरी उम्मीद है। कुछ दिनों पहले स्काईमेट से स्थिति डिक्लेयर हुई थी, उसके हिसाब से इस बार हमारे यहां जुलाई-अगस्त की अपेक्षा जून व सितंबर में बारिश ज्यादा होगी।
ज्योतिष : कृतिका से ही असर, जुलाई में गर्मी पूरी तरह होगी दूर
ज्योतिषाचार्य पं. मुरलीधर व्यास बताते हैं वर्तमान में कृतिका नक्षत्र समयावधि चल रही है, जो 25 मई तक रहेगी। इस नक्षत्र में प्री-मानसून की बारिश की संभावना है। 25 मई को रोहिणी नक्षत्र व नवतपा लगने से पहले ही आंधी-तूफान के साथ प्री-मानसून बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। इसका असर रोहिणी नक्षत्र समयावधि में भी रहेगा। इस नक्षत्र के 15 दिन 8 जून को पूरे होने के बाद मृगशिरा नक्षत्र लगेगा। इसकी उत्तरार्ध समयावधि में किसान खेत में बुआई कर सकते हैं। क्योंकि इस समय तक मानसून बारिश भी गति पकड़ने लगती है। पं. व्यास के अनुसार सूर्य 12 राशि में भ्रमण करता है, जिसकी शुरुआत मेष राशि से होती है। यहीं से गर्मी का प्रभाव होता है। वृषभ, मिथुन व कर्क राशि में 6 जुलाई तक भ्रमण पूरा होने से गर्मी से भी पूरी राहत मिलेगी। इसी समय पानी का नक्षत्र (पुनर्वसु, पुष्य) प्रभावशील होने से बारिश अपेक्षाकृत अच्छी होगी।