पूर्व राजस्व मंत्री कमल पटेल प्रेस कांफ्रेंस कर इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे मंजूर कराने का झूठा श्रेय ले रहे हैं। उनके मंत्री रहते हुए हाईवे मंजूर क्यों नहीं हुआ। इस दिशा में उनके द्वारा किए गए कोई प्रयास के दस्तावेज हो तो बताएं। ये आरोप विधायक डॉ. आरके दोगने ने लगाए हैं। उन्होंने कहा किसानों की समस्याओं को लेकर उन्होंने मंडी में धरना दिया था। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष अमरसिंह मीणा को किसानों के हित की मांग श्रेय लेने वाली लगी। अब पूर्व राजस्व मंत्री नेशनल हाईवे मंजूर कराने का दावा कर रहे हैं।
विधायक डॉ. दोगने ने कहा उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी को 27 जुलाई 2015, 12 सितंबर 2016, 16 मार्च 2017, 12 जुलाई 22017 व 6 जनवरी 2018 को पत्र लिखा। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने उनके द्वारा की कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया। इसी के चलते शहर में बायपास व हाईवे को मंजूरी मिली। उन्होंने कहा पूर्व राजस्व मंत्री पटेल बायपास के संबंध में प्रस्ताव व अनुमोदन के लिए प्रशासन की बैठकों में शामिल नहीं हो सकते। क्योंकि वे सदस्य नहीं हैं, तो फिर उन्होंने हाईवे निर्माण के लिए बिना प्रयास किए श्रेय नहीं लेना चाहिए। विधायक ने पूर्व राजस्व मंत्री पटेल से उनके द्वारा हाईवे के लिए किए प्रयास के दस्तावेज मांगे हैं।