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अधिकारियों ने नए भवन नहीं लिए हैंडओवर तो पेमेंट से कटेगा निजी भवन का किराया : द्विवेदी
नापतौल विभाग, आरटीओ और खिरकिया मंडी में बने नए सरकारी भवनों का अभी तक संबंधित विभाग के प्रमुखों ने पजेशन नहीं लिया है। यदि जल्द ही उन्होंने इन भवनों का आधिपत्य नहीं लिया तो निजी भवनों में चलने वाले ऑफिसों का किराया उनके वेतन से काटा जाएगा। यह दो टूक चेतावनी मंगलवार को कलेक्टर अनय द्विवेदी ने आरटीओ राकेश अहाके, नापतौल निरीक्षक चंद्रभूषण शुक्ला और मंडी सचिव एमएस मुनिया को टीएल की बैठक में दी।
यह है मामला
जिला गठन के बाद से ही कई सरकारी दफ्तर किराए के कमरों में चल रहे हैं। इसके एवज में शासन को किराया देना पड़ रहा है। बीते साल जिला मुख्यालय पर आरटीओ व नापतौल विभाग के लिए नए सरकारी दफ्तर बन गए। इनमें तमाम सुविधाएं हैं। फिर भी विभाग प्रमुख इन्हें अपने आधिपत्य में नहीं ले रहे हैं। इधर निजी भवनों का मासिक किराया देना पड़ रहा है।
पूर्व में भी ये मामले सामने अाए थे। तब भी कलेक्टर ने चेतावनी दी थी। लेकिन अधिकारी भवन लेने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार को कलेक्टर ने दो टूक चेताया कि जल्द भवन हैंडओवर नहीं लिए तो इनका किराया संबंधित विभाग प्रमुखों के वेतन से काटा जाएगा। कलेक्टर ने यह भी चेतावनी दी कि नए भवनों में यदि शिफ्टिंग के अभाव में नुकसान हुआ तो इसकी भरपाई भी उन्हीं से की जाएगी। इधर संबंधित विभाग के सूत्रों की मानें तो नापतौल विभाग का दफ्तर पीआईयू ने बनाया है। स्वीकृत नक्शे व अनुबंध के अनुसार इसमें पानी स्टोर करने के लिए टैंक व सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल व गेट का निर्माण होना है। ठेकेदार ने यह काम नहीं किया है। इस कारण विभाग इसे पजेशन में नहीं ले रहा है। इसी प्रकार आरटीओ भवन में इंटरनेट सर्विस सुविधा और कुछ छोटी मोटी अन्य परेशानियां हैं। इससे ऑफिस शिफ्टिंग के बाद परेशानी होगी। इस कारण भवन हैंडओवर नहीं हो पा रहा है। मंडी में बने सामुदायिक भवन में भी कुछ काम बाकी है। इस वजह से नए भवनों में शिफ्टिंग से बच रहे हैं।