आंगनबाड़ी से सूची हासिल कर स्कूल में प्रवेश दिलाएं शिक्षक: तिवारी
जाॅयफुल लर्निंग का मुख्य उद्देश्य दक्षता उन्नयन है। इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रूचि जागेगी। शिक्षक आंगनबाड़ी से सूची हासिल कर बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाएं। कम नामांकन दर्ज वाले स्कूलों की निगरानी की जाए और उसमें सुधार हो। यह बातें महात्मा गांधी हायर सेकंडरी स्कूल में शुक्रवार को आयोजित प्रशिक्षण में डीपीसी डॉ. आरएस तिवारी ने कही।
जिला शिक्षा केंद्र द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में डीपीसी डॉ. तिवारी ने बीआरसी, बीएसी, बीजीसी एवं जनशिक्षकों को कहा बच्चों को स्कूल से जोड़ने के हर स्तर पर प्रयास किए जाएं। मॉनिटरिंग कर बच्चों को तलाशा जाए। उन्होंने कहा जिन जन शिक्षा केंद्रों में नामांकन में गिरावट रही है, उन शालाओं में नामांकन बढ़ाए जाने के लिए योजना बनाकर प्रयास किया जाए। वार्षिक परीक्षा में अनुपस्थित बच्चों को जून में होने वाली परीक्षाओं में शामिल किया जाए। आंगनबाड़ी से 5 साल से ऊपर के बच्चों की सूची प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक प्राप्त करें। बसाहट बार समग्र पोर्टल से सूची निकालकर प्रवेश के लिए बच्चों को चिन्हित कर लक्ष्य अनुसार प्रवेश दिया जाए। उन्होंने कहा वार्षिक परीक्षा का सत्यापन सभी जनशिक्षक एवं बीएसी अप्रैल के अंत तक पूर्ण कर लें। प्रत्येक शिक्षक एसडी कार्ड एवं ई-कंटेंट के माध्यम से कराई जा रही गतिविधियों को डेली डायरी में लिखें। बीजीसी जनशिक्षा केंद्र वार बालिकाओं की दर्ज संख्या की तुलना कर गिरावट वाले जन शिक्षा केंद्र चिन्हित करें। जनशिक्षक अपनी मॉनिटरिंग में शालाओं का एकेडमिक रिकॉर्ड को देखें। वार्षिक परीक्षा, उत्तर पुस्तिका, वर्क बुक एवं प्रतिभा पर्व के प्रश्न पत्रों को देखें। प्रशिक्षण में हरदा व टिमरनी के बीआरसी, बीएसी सहित अन्य मौजूद थे।
हरदा। जॉयफुल लर्निंग को लेकर प्रशिक्षण देते डीपीसी।