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रात 11 बजे मिला मैसेज, नहीं मिली ट्रॉली, अगले दिन लाए तो केंद्र पर तुलने के बाद वापस लौटाया चना

3 वर्ष पहले
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किसानों को 11 अप्रैल को रात 12 बजे चना केंद्रों पर लाने के लिए मोबाइल पर मैसेज मिला। लेकिन छोटे किसानों की अगले दिन ट्रैक्टर-ट्रॉली की व्यवस्था नहीं हो सकी। शुक्रवार को केंद्रों पर दर्जनों किसान परेशान होते रहे। मसनगांव सोसाइटी ने चना खरीदने के लिए अनुबंध पत्र काटे। चना की तुलाई भी हो गई, लेकिन ऑनलाइन बिल जनरेट नहीं हो सका। इस कारण देर शाम समिति ने चना लेने से इनकार कर दिया।

मसनगांव के खरीदी केंद्र पर छह किसानों से खरीदा चना वापस लौटा दिया। इस कारण किराया लगाकर आए किसान परेशान होते रहे। उनके पास ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं होने से वे देर रात तक खुले में पड़े चना की रखवाली करते रहे। यह स्थिति जिले की चारों मंडियों में 12 केंद्रों पर दर्जनों किसानों के साथ रोज बन रही है। इस समस्या में समिति प्रबंधक, केंद्र प्रभारी भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

13 अप्रैल को जिले के 12 केंद्रों से 70 से अधिक किसानों को लौटा दिया गया। जिले की हरदा, टिमरनी, खिरकिया व सिराली कृषि मंडी में 12 समितियां चना की खरीदी समर्थन मूल्य पर कर रहीं हैं। मंगलवार से शुरू हुई खरीदी किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। अव्यवस्थाओं के बीच किसान चना बेच रहे हैं। अधिकारी व्यवस्था नहीं बना पा रहे हैं। जिले में 56800 हेक्टेयर में 19121 किसानों ने चना उत्पादन लिया है। जिले में तीन दिन में 1600 क्विंटल चना केंद्रों पर खरीदा है।

एसएमस देरी से मिले किसान आज तुलवा सकते हैं चना
&10 से 13 अप्रैल के बीच में जिन किसानों को एसएमस देरी से मिले हैं वे संबंधित केंद्र पर 14 अप्रैल को अपना चना तुलवा सकते हैं। उन्हें यह मौका एक बार ही मिलेगा। अब से किसानों को चना केंद्र पर बेचने के लिए तीन-चार दिन पहले एसएमएस मिलेंगे। प्रशांत बामनकर, जिला विपणन अधिकारी

हरदा। देर रात मंडी में ट्राॅली में वापस चना भरकर घर ले जाते हुए किसान।

तुलवाने के बाद वापस

किया चना
मसनगांव सोसाइटी में चना बेचने आए किसान रामचरण झुंडगांव 7 क्विंटल, नवल गहाल 6.50 क्विंटल, गणेश प्रसाद झुंडगांव 7 क्विंटल, हरिराम झुडगांव 7 क्विंटल, गोरेलाल गहाल 7 क्विंटल, नत्थू झाड़पा 6 क्विंटल चना लेकर पहुंचे। सोसाइटी ने अनुबंध पत्र काटा, चना तुलाई भी की। लेकिन शाम को तुला हुआ चना वापस कर दिया। देर रात तक किसान किराए की ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए परेशान होते रहे।

50 किलो के बारदाना में 45 किलो आ रहा चना
चना के लिए बारदाना छोटा पड़ रहा है। 50 किलो की भर्ती के बारदाना में 45 किलो चना आ रहा है। इस कारण विवाद की स्थिति बन रही है। सिराली मंडी के केंद्र से अधिकारियों को इसकी शिकायत भी मिली है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि कुछ लॉट में दिक्कत है।

एक दिन का 1200 रुपए किराया: किसानों ने बताया गांव से ट्रैक्टर-ट्रॉली किराए पर ली। एक किसान का 1200 रुपए किराया लिया। चना केंद्र पर उतारा और ट्रैक्टर-ट्रॉली वापस चली गई। शाम को उन्हें फिर किराए देकर वापस चना लेकर जाना पड़ा। उन्होंने कहा अब जब पुन: चना लेकर आएंगे तो फिर ट्रैक्टर-ट्रॉली किराए से लेना पड़ेगी।

12 समितियां खरीदेगी चना: जिले की 12 समितियां समर्थन मूल्य पर चना खरीदी करेंगी। अधिकारिक जानकारी के मुताबिक हरदा कृषि मंडी में सहकारी समिति मसनगांव, नीमगांव, भुवनखेड़ी, हरदा मार्केटिंग सोसाइटी, खिरकिया मंडी में चौकड़ी, मुहालकलां व बारंगा, टिमरनी में मान्याखेड़ी, छिदगांवमेल, बाजनिया एवं सिराली मंडी में सहकारी समिति सिराली व जूनापानी समिति खरीदी करेगी।

किराए से नहीं मिली ट्रैक्टर-ट्रॉली
किसानों ने बताया उन्हें 11 अप्रैल की रात 12 बजे मोबाइल पर चना लाने के लिए एसएमएस मिले। इसमें 12 अप्रैल को मंडी में बने केंद्र पर चना लेकर पहुंचना था, लेकिन किराए से ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं मिली। झुंडगांव एक-एक एकड़ के किसान रामचरण, गणेश प्रसाद, हरिराम ने बताया उन्हें किराए से ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं मिली। इस कारण वे शुक्रवार को चना सोसाइटी में बेचने आए थे।

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