हरदा। बहाली की मांग को लेकर कलेक्टोरेट में नारेबाजी करते हुए साक्षरता प्रेरक।
दैवेभो की मजदूरी से भी कम 66.66 रुपए प्रतिदिन मिली रहा था वेतन
भास्कर संवाददाता| हरदा
महज दो हजार रुपए में वर्ष 2012 से काम कर रहे साक्षरता संविदा प्रेरक मोर्चा ने सेवा बहाली की मांग को लेकर ज्ञापन नायब तहसीलदार विमल उइके को सौंपा। इसमें समय रहते मांग पूरी नहीं होने पर साक्षरता प्रेरकों ने भोपाल पहुंचकर आमरण अनशन की चेतावनी दी। इसके पहले ज्ञापन सौंपने के लिए कलेक्टोरेट में संविदा प्रेरकों को करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष राजू सिरोही ने बताया प्रेरकों ने अब तक अपनी ड्यूटी बखूबी निभाई है। लेकिन अब उन्हें सेवा से पृथक कर दिया। उनके सामने रोजी=रोटी का संकट है। अब तक उन्हें 2000 रुपए प्रति माह के हिसाब से वेतन मिलता था। इस मान से उन्हें 66.66 रुपए राेज का भुगतान होता था। यह दैवेभो की मजदूरी से भी कम राशि है। उन्होंने संविदा प्रेरकों की सेवा बहाली कर नियमित करने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेश भर के प्रेरक भोपाल पहुंचकर आमरण अनशन करेंगे। ज्ञापन सौंपते समय जिलाध्यक्ष वर्षा सेन, दिनेश नागले, मंजू गोस्वामी, उर्मिला कुशवाह, छोटेलाल कोगे, बसंत पटनरे, मुकेश पटनरे सहित अन्य मौजूद थे।