हरदा। माहेश्वरी धर्मशाला में कथा सुनते श्रद्धालु।
भास्कर संवाददाता| हरदा
श्रीमद भागवत गीता इंसान को गृहस्थ जीवन में समय का प्रबंधन और एक-दूसरे का सम्मान करने से बेहतर समन्वय बनाकर खुशहाल जीवन जीना सिखाती है। यह बात वृंदावन से आए कथावाचक पंडित कृष्ण चंद्र शास्त्री ने कही। वे महात्मा गांधी हायर सेकंडरी स्कूल के रिटायर्ड प्राचार्य बीपी तिवारी द्वारा खंडवा बायपास रोड पर स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में आयोजित सात दिनी श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन बोल रहे थे।
उन्होंने कहा गीता हमें कर्म का संदेश देती है। हर इंसान को भगवान ने केवल कर्म का अधिकार दिया है, लेकिन फल अपने हाथ में रखा है। उन्होंने सुख और दुख का रहस्य बताते हुए कहा सब ईश्वर की संतान हैं। ईश्वर माता और पिता है। वह अपनी संतान को कोई दुख नहीं देना चाहते हैं। लेकिन इंसान स्वार्थी है। वह केवल दुख तकलीफ के समय ही परमात्मा को याद करता है। सुख में ईश्वर को भूल जाता है। उसे दोबारा भगवान की याद तभी आती है जब उसे परेशानी या दुख आ जाते हैं। शास्त्री ने कहा यदि इंसान यदि सुख व दुख में ईश्वर को रोज याद रखे तो उसे दुख कभी ज्यादा बड़ा या असहनीय नहीं लगता है। उन्होंने कहा भगवान कभी किसी को इतना दुख नहीं देते जो उसकी सहनशक्ति से बाहर हो। उन्होंने सत्य के बारे में कहा संसार में शिव ही सत्य व सुंदर है। वे ही सभी के आस्था के केंद्र हैं। 16 मई से शुरू हुई कथा का समापन 22 मई को होगा। गुरुवार को शंकर पार्वती की आकर्षक झांकी भी सजाई।
कथा सुनाते पंडित कृष्ण चंद्र शास्त्री