हरदा| डूब प्रभावित हनीफाबाद के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे हैं। बिजली, पानी को तरस रहे ग्रामीणों की सुनवाई नहीं हो रही है। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के कार्यकर्ता शुक्रवार को हनीफाबाद पहुंचे।
ग्रामीणों ने बताया 2 साल पहले बिजली कंपनी डीपी निकालकर ले गई, लेकिन उन्हें बिल अब तक मिल रहे हैं। कंपनी ने 100 ग्रामीणों को 4 से 20 हजार तक के बिल थमाए हैं। मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले ग्रामीणों ने कहा वे बिना बिजली जलाए बिल कैसे भरें। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा वे डूब प्रभावित गांव के ग्रामीणों की समस्याएं कलेक्टर अनय द्विवेदी के समक्ष रखेंगे। उनका प्रतिनिधि मंडल शीघ्र कलेक्टर से मुलाकात करेगा। संगठन के प्रदेश संयोजक हेमंत टाले, संभागीय संयोजक मोहन विश्नोई हनीफाबाद व करनपुरा के मजदूरों से मिले। मजदूरों ने बताया 3 वर्षों से मनरेगा में काम नहीं मिला है। पीएम आवास बने एक साल हो गया, लेकिन मजदूरी के 18 हजार के लिए उन्हें अब भी अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पानी भी नहीं मिल रहा है। पेयजल के लिए उन्हें दो-दो किमी दूर जाना पड़ रहा है। टाले ने कहा ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण को लेकर प्रतिनिधि मंडल शीघ्र कलेक्टर द्विवेदी से मुलाकात करेगा।