हरदा। हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते इंजीनियर।
5 मांगों को लेकर 2 मई से चल रही है हड़ताल, एई भी कल से होंगे शामिल
भास्कर संवाददाता | हरदा
बीते लंबे समय से अपनी 5 अधूरी मांगों को चुनावी साल में पूरा कराने के लिए मप्र डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन ने भी पूरा दम लगा दिया है। जिले के दर्जनों सरकारी विभागों में इंजीनियरों के पद पर संविदा कर्मियों के रूप में सेवाएं दे रही सभी 60 इंजीनियर दो मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
संगठन मंत्री सोहित गोयल ने कहा वे लंबे समय से वेतन व सुविधाओं के अंतर को खत्म करने के लिए सरकार व उनके प्रतिनिधियों से संगठन के माध्यम से बात रखते आ रहे हैं, लेकिन सरकार ने कभी उनकी बात काे गंभीरता से नहीं लिया। इस कारण उन्हें अपनी जायज मांगें मनवाने के लिए सड़क पर इस तरह उतरना पड़ा। उपाध्यक्ष अलकेश ठाकुर ने कहा उनकी हड़ताल 17 दिन से जारी है। सरकार जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं करेगी वे इसी तरह डटे रहेंगे। मांगें मानने के बाद ही अपने अपने काम पर लौटेंगे। सचिव विष्णु पवार ने कहा इंजीनियरों की हड़ताल से निर्माण अधर में हैं। एक माह बाद मानसून दस्तक दे देगा। ऐसे में शासन प्रशासन की परेशानी बढ़ना तय है। हड़ताल में दुर्गेश चौधरी, विवेक भारद्वाज, गौरव दुबे, सागर नीले आदि मौजूद रहे।
एई से भी आज से हड़ताल पर
मप्र डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष देवेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया विभिन्न सरकारी विभागों के असिस्टेंट इंजीनियर भी सोमवार से उनकी हड़ताल में शामिल होंगे। भोपाल के यांत्रिकी भवन में हुई बैठक में इसकी सहमति दी है। उन्होंने बताया सिर्फ हड़ताल जारी रखने से काम नहीं चलेगा, इसलिए आंदोलन को तेज करेंगे। श्री भदौरिया ने जिलाध्यक्षों से कहा वे कार्यपालन यंत्रियों को पत्र लिखकर कहें कि वे अपनी उप यंत्रियों को सरकारी काम करने के आदेश न दें।