पीपरा थाना क्षेत्र के दलपतपुर गांव निवासी अखिलेश राम की प|ी आरती देवी की गुरुवार की रात संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई। मृतका का पति ने आसपास के लोगों तथा प|ी के मायका में सूचना दिए बगैर परिजनों की सहायता से शुक्रवार की अहले सुबह शव को श्मशान घाट की जगह सिरनीया जंगल में ले जाकर जला दिया। इसकी जानकारी मिलने पर नौडीहा बाजार थाना के लक्ष्मीपुर निवासी मृतका की मां शकुंती देवी ने शनिवार को पीपरा थाना में अपनी बेटी की साजिश के तहत हत्या कर साक्ष्य छुपाने के लिए शव को जलाने का मामला दर्ज कराया है।
थाना प्रभारी वासुदेव मुंडा ने बताया कि इस मामले में पति अखिलेश राम, चाचा ससुर तपेश्वर राम, महेश्वर राम तथा दीपक यादव सहित अन्य सहयोगियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इनमें अखिलेश राम तथा तपेश्वर राम को गिरफ्तार कर लिया है। मालूम हो कि आरती का अखिलेश के साथ 12 वर्ष पूर्व विवाह हुआ था, परंतु अभी तक संतान नहीं होने के कारण हमेशा घर में अंतर्कलह होता था।
इस संबंध में डीएसपी शंभू प्रसाद सिंह ने घटनास्थल की छानबीन की। उन्होंने बताया कि पहले तो मृतका के ससुराल वालों ने उसके फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात कही। परंतु प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की बात सत्य प्रतीत नहीं होती है। घटना के दिन भी घर में झगड़ा होने की बात कही जा रही है।
जली हुई अस्थि तथा पायल बरामद
पुलिस को शव जलाने की जगह से मृतका का हड्डी तथा पायल मिला है। इसे जब्त कर लिया गया है। इसे जांच हेतु विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। डीएसपी ने बताया कि तीव्र गति से अनुसंधान करते हुए जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।