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नगर परिषद द्वारा पिछले साल की अपेक्षा महंगे रेट पर हुए ठेके

3 वर्ष पहले
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पिछले वर्ष ठेकेदारों ने नगर परिषद के विभिन्न ठेकों की बोली रेट बढ़ाकर लगाने से इंकार कर दिया था, ठेकेदारों की असमर्थता के चलते पिछले साल ठेके नहीं हुए। नगर परिषद कर्मचारियों ने ठेकों की वसूली की। लेकिन 31 मार्च के बाद एक अप्रैल से नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा की जा रही उगाही में कम आय आने के चलते नगर परिषद ने ठेकों की पुनः नीलामी कराए जाने का सामूहिक निर्णय लिया। इसमें नगर परिषद के कर्मचारियों का भी विशेष सहयोग रहा और उनके द्वारा नीलामी कराई गई।

इस वर्ष ट्रैक्टर ट्राली एवं बैलगाड़ी को छोड़ तो बाजार की जो कि पिछले वर्ष 2 लाख 64 हजार 600 रुपए की गई थी। वह इस वर्ष साढ़े 11 महीने के लिए 5 लाख 75 हजार रुपए अंतिम बोली के रूप में कालका प्रसाद चतुर्वेदी उर्फ लल्लन महाराज के नाम टूटी। ट्रैक्टर ट्रक एवं बैलगाड़ी की नीलामी जो कि पिछले वर्ष 5 लाख 41 हजार रुपए की थी। इस बार सूखे की मार को देखते हुए यह बोली 3 लाख 35 हजार रुपए पर ही टूट गई।

यात्री बस स्टैंड का ठेका पिछले वर्ष 7 लाख 30 हजार रुपए रवि चौरसिया के नाम था। इस वर्ष 20 हजार रुपए बढ़कर 7 लाख 50 हजार रुपए में रवि चौरसिया के नाम ही अंतिम बोली टूटी। इस प्रकार कर्मचारियों के प्रयास से नगर परिषद की नीलामी संपन्न हुई और नगर परिषद को राजस्व लाभ प्राप्त हुआ। ठेकेदारों द्वारा 33 फीसदी राशि अमानत के रूप में जमा की गई।

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