विनोबा भावे विश्वविद्यालय के पीजी और यूजी में संचालित सीबीसीएस के तहत निर्धारित कक्षाओं के होने से पहले परीक्षा ली जा रही है। ऐसा पीजी और यूजी दोनों में हो रहा है। पीजी में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा ली गई, कॉमर्स का रिजल्ट तक नहीं आया है। फरवरी के अंतिम सप्ताह तक परीक्षाएं हुई थीं। इस लिहाज से मात्र मार्च-अप्रैल में कक्षाएं हुई और सेकेंड सेमेस्टर में पहुंचे विद्यार्थियों की दोनों इंटरनल परीक्षा ले ली गई। दोनों इंटरनल परीक्षा आयोजित करने के चार महीने की कक्षा होनी चाहिए। गर्मी की छुट्टी के बाद सेमेस्टर परीक्षा लेने की तैयारी है। दो इंटरनल परीक्षाओं के लिए जाने के बाद छ: माह में होनेवाली सेमेस्टर परीक्षा का रास्ता साफ हो जाता है। बिना इंटरनल परीक्षा के सेमेस्टर परीक्षा नहीं ली जा सकती है। पीजी के अन्य विभागों में प्रथम सेमेस्टर का रिजल्ट निकल गया है।
निर्धारित समय से पीछे चल रहे सत्र को नियमित करने के नाम पर यूजी के विद्यार्थियों को बिना पढ़ाए परीक्षा देने के लिए बाध्य कर दिया गया है। यूजी सेमेस्टर पांच कॉमर्स की परीक्षाएं 29 अप्रैल तक ली गई। सेमेस्टर पांच से छ: में पहुंचे विद्यार्थियों की चार-पांच मई से कक्षाएं शुरू हुई। अधिकतम एक सप्ताह की कक्षाओं के आयोजन के बाद 17 मई से इंटरनल परीक्षा ली जा रही है। वीसी डॉ. रमेश शरण बताते हैं कि विव में अवकाश अधिक है। हमलोगों ने गर्मी छुटिट्यों में भी क्लास आयोजित कर सिलेबस को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए नोटिस निकला है। बचे हुए गेस्ट फैकल्टी कक्षाएं लेंगे। इन्हें प्रति कक्षा के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। कुल मिलाकर गर्मी की छुट्टी में सिर्फ गेस्ट फैकल्टी पढ़ाएंगे, जिनमें टॉपर, रिटायर्ड टीचर व अन्य हैं।
कॉलेज को देखना है कि उन्होंने कितनी कक्षाएं आयोजित की
विभावि हजारीबाग के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि इंटरनल परीक्षा आयोजित करने के विवि कोई निर्देश जारी नहीं करता। इंटरनल परीक्षा आयोजन का निर्णय कॉलेज लेता है। विश्वविद्यालय सेमेस्टर परीक्षा की तिथि घोषित करता है। इस मामले में कॉलेज को देखना है कि उन्होंने कितनी कक्षाएं आयोजित किया है।
सीबीसीएस आने के बाद विवि की शैक्षणिक गाड़ी बेपटरी
एआइडीएसओ, हजारीबाग के सचिव आशीष कुमार सीबीसीएस आने के बाद विवि की शैक्षणिक गाड़ी बेपटरी हो गई है। किसी भी कॉलेज में स्नातक स्तर पर सीबीसीएस के निर्धारित 140 क्रेडिट की पढ़ाई नहीं होती है। बिना शिक्षक, बिना क्लास परीक्षा की तिथियां घोषित हो जाती है। कॉलेज के प्राचार्य अपनी कमियों को छुपाने के लिए विवि के अनुसार चलते हैं।