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घर का नक्शा पास कराने की लागू है ऑनलाइन व्यवस्था

3 वर्ष पहले
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नगर निगम क्षेत्र में नया मकान, अपार्टमेंट, भवन बनाने के लिए निगम से उसका नक्शा पास कराना अनिवार्य है। झारखंड बिल्डिंग बायलॉज 2016 के अनुसार अब नये निर्माण से संबंधित नक्शा निगम से पास कराना अनिवार्य है और उसके लिए ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार्य माना गया है। यह व्यवस्था 2016 से ही लागू है लेकिन 2017 तक ऑनलाइन के साथ साथ ऑफलाइन को भी चालू रखा गया था। अब ऑफलाइन प्रथा पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। केवल ऑनलाइन अप्लीकेशन ही स्वीकार्य हैं।

पहले जैसी व्यवस्था नहीं है कि कोई भी सिविल इंजीनियर या घर परिवार का इंजीनियर मकान बिल्डिंग का नक्शा तैयार कर दे और उसे पास कराकर निर्माण शुरू करा दें। झारखंड बिल्डिंग बायलॉज 2016 के अनुसार नगर निगम के लाइसेंसी टेक्नीकल पर्सन द्वारा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। हजारीबाग नगर निगम द्वारा इस तरह के 12 टेक्नीकल पर्सन हैं, जिन्हें नक्शा बनाने का लाइसेंस दिया गया है। लाइसेंस के लिए शुल्क तथा कुछ शर्तें निर्धारित हैं।

प्रावधान के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन की तिथि से 60 दिनों के अंदर सारी प्रक्रिया पूरी कर आवेदन का निष्पादन हो जाना चाहिए। प्रक्रिया अनुसार कोई भी आवेदन पहले काउंटर क्लर्क के लॉगइन में आएगा जो इंट्री करने के बाद उसे टैक्स दारोगा के लॉगइन में बढ़ाएगा। टैक्स दारोगा निर्माण वाले जमीन के दस्तावेज आदि की जांच कर जूनियर इंजीनियर के लॉगइन में फारवर्ड करेगा। जूनियर इंजीनियर साइट इंस्पेक्शन व तकनीकी पहलुओं की जांच करने के बाद रिपोर्ट बनाकर टाउन प्लानर के भेजते हैं, जहां टाउन प्लानर के द्वारा झारखंड बिल्डिंग बायलाॅज 2016 के आलोक में प्रस्ताव को परखने के बाद अगर उसमें कोई त्रुटि मिला तो उसे वापस प्रोसेस में डालने वाले टेक्निकल पर्सन काे भेजता है और सुधार करके पुन: भेजने के लिए कहता है। सबकुछ ठीक रहा तो मंजूरी के लिए कार्यपालक पदाधिकारी के लॉगइन में जाएगा।

जानकारी के अनुसार ऑनलाइन काे अनिवार्य किये जाने के बाद 67 आवेदन निगम के पास आये। उनमें से मात्र 24 आवेदनों को ही मंजूरी मिल पाई है। जबकि नियमानुसार 60 दिनों के भीतर हो जाना चाहिए। इधर नक्शा पास कराने को लेकर लोग निगम कार्यालय चक्कर लगाते देखे जाते हैं। उन्हें नियमों का हवाला देकर व आश्वासन देकर शांत कराया जाता है।

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