प्रमंडलीय सदर अस्पताल की बिगड़ती व्यवस्था पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने कोशिश शुरू कर दिया है। गुरुवार को डीसी रविशंकर शुक्ला, एसडीओ आदित्य रंजन, कार्यपालक दंडाधिकारी आशिष कुमार, दंडाधिकारी मिथिलेश कुमार झा, कुमुद झा, दीपमाला, राष्ट्रीय बचत पदाधिकारी मिथिलेश कुमार झा के चार अलग अलग टीमों ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया।
डीसी के आने की सूचना पर चिकित्सकों व कर्मियों में हड़कंप मच गई। लोग इधर उधर भागने लगे, वहीं कई कर्मियों को वैसे कर्मियों को फोन कर अस्पताल बुलाया जो अस्पताल से गायब थे। यह व्यवस्था देख डीसी ने वहां मौजूद चिकित्सकों व सीएस को खरी खोटी सुनाई।
डीसी ने अस्पताल में कई त्रुटियां पाई। अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों को फटकार भी लगाई। निरीक्षण के क्रम में सीएस डॉ. विजय शंकर दास सहित कई चिकित्सक उपस्थित थे। डीसी सीएस कार्यालय पहुंचे। उपस्थिति पंजी को खंगाला। उसके बाद चार टीम अलग अलग होकर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। डीसी ने सीएस को तत्काल व्यवस्था सुधारने की हिदायत दिया। एसडीओ आदित्य रंजन ने महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, ट्रामा सेंटर, नर्सिंग स्कूल, कुपोषण उपचार केन्द्र सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उपचार केन्द्र में डीसी भी उपस्थित थे। इलाजरत बच्चों की माताओं से जानकारी ली। अस्पताल में बने नए बिल्डिंग में तत्काल लिफ्ट लगाने का निर्देश डीसी ने दिया। कई मरीजों ने व्यवस्था के बावत शिकायत की। डीसी ने निर्देश दिया कि एएनएम स्कूल में रात्रि प्रहरी रखा जाए जो महिला हो। सभी चिकित्सकों को समय पर उपस्थित होने का निर्देश दिया। एसडीओ आदित्य रंजन ने कहा कि सदर अस्पताल का निरीक्षण के दौरान कई खामियां पाई गई है। इस संबंध में तत्काल रिपोर्ट डीसी को सौंपी जाएगी।
प्रशासन ने टीम बनाकर सदर अस्पताल की असलियत को जाना। इस दौरान ममता वाहन के कागजात की जांच करते डीसी।