शहर से लेकर गांव कस्बों तक में लोग बिजली की समस्या से त्रस्त नजर आ रहे हैं। बिजली की स्थिति में सुधार की बातें सिर्फ कोरा आश्वासन साबित हो रही हैं। हकीकत यह है कि इस भीषण गर्मी में जब लोग बिजली के टिकने की जरूरत महसूस कर रहे हैं तो इन दिनों बिजली कटने की शिकायतें पहले से बढ़ गई हैं। बिजली कटी रहने के कारण लोगों को पानी समस्या से जूझना पड़ रहा है। अनियमित बिजली के कारण हजारीबाग शहर में गुरुवार की शाम से पेयजल की आपूर्ति ठप है। शहर में गुरुवार की शाम, शुक्रवार की सुबह और शाम का पानी सप्लाई पूरी तरह से ठप रहा।
पीएचईडी विभाग के एसडीओ दयाशंकर प्रसाद ने कहा कि पानी सप्लाई नहीं होने की एकमात्र वजह बिजली नहीं मिल पाना है। रात में छड़वा फीडर में थोड़ी देर के लिए भी बिजली नहीं मिला, जिसके कारण छड़वा डैम से शहर स्थित जलमीनारों में पानी नहीं चढ़ पाया। बिजली रहती और पानी चढ़ा होता तो शहरवासियों को कम से कम एक वक्त का पानी जरूर मिला होता। उन्होंने कहा कि आज (शुक्रवार) की रात में बिजली रहेगH तो शनिवार की सुबह में पानी मिल पाएगा अन्यथा नहीं। बताया कि डैम में अभी पर्याप्त पानी है, जिससे हमें मानसून के आने तक सुबह शाम पानी सप्लाई करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
हजारीबाग डीवीसी के कमांड एरिया में है, इस नाते हजारीबाग को डीवीसी अपने सेंट्रल लाइन के जरिये बिजली देता है। डीवीसी अपने केटीपीएस, बीटीपीएस, मेजिया आदि केंद्रों से विद्युत की मांग को पूरी करता है।
विद्युत बोर्ड वितरण का काम संभालती है। गुरुवार को डीवीसी से चार बार लोड शेडिंग की गई जबकि शुक्रवार को फीडर वन में मीटर लगाने की वजह से शटडाउन रखा गया। डीवीसी स्टेशन के इंचार्ज आर एल प्रसाद के अनुसार फीडर 1 एवं 2 में दिन 11 बजे से 12.30 बजे तक, 02.30 बजे से 3.30 तक पुन: रात 09.05 बजे से 10.35 बजे तक, तीन नं फीडर में 12.35 बजे से 02.05 बजे तक लोड शेडिंग किया गया।