जिले के ईचाक प्रखण्ड के चंपानगर नावाडीह निवासी दिवाकर कुमार उपाध्याय की प|ी रूबी देवी का बंध्याकरण ऑपरेशन पारस नर्सिंग होम में किया गया था। बाद में इलाज के क्रम में रूबी देवी की मौत रांची रिम्स में हो गई थी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप पारस नर्सिंग होम पर लगाया था। चंपानगर नावाडीह निवासी भास्कर उपाध्याय ने नर्सिंग होम संचालक नसीम सिद्दीकी से मामले का निबटारा के नाम पर 1.5 लाख रुपए ले लिया था और वह डरा धमका कर 5 लाख की मांग कर रहा था। पीडि़त परिजन सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य रंजन से मिले और न्याय की गुहार लगाई।
सदर अनुमंडलाधिकारी आदित्य रंजन ने सेक्शन 133 के तहत तीनों पक्षों को सुना और नर्सिंग होम संचालक द्वारा 1.5 लाख रुपये का चेक तथा भास्कर उपाध्याय द्वारा 50 हजार का चेक वापस दिया गया। मृतका के पुत्र अभि कुमार उपाध्याय व पुत्री आरोही कुमारी के नाम एचडीएफसी बैंक में 1-1 लाख का सावधि जमा करा दिया गया। वहीं एक दूसरे मामले में हुरहुरू पतरातू निवासी शोभा डालीम पति स्व. सायमन डालीम के 2.5 लाख रुपये उसके भतीजे संजय तिर्की ने ले लिया था जिसे वह नहीं लौटा रहा था। सदर एसडीओ ने मामले पर संज्ञान लेते हुए भतीजे पर दबाव बनाकर समझौता करा दिया। मौके पर संजय तिर्की ने अपने मौसी को 2.5 लाख का चेक वापस कर दिया। एक तीसरे मामले में संत पॉल स्कूल के छात्र रौनक डे पिता मानस डे के एक आंख में गंभीर चोट स्कूल में लग गई थी। बच्चे को उस चोटिल आंख से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, उसके इलाज में काफी रुपये की जरूरत थी। वहीं स्कूल प्रबंधन ने कुछ भी मदद करने से इंकार कर दिया था। सदर एसडीओ की पहल पर स्कूल प्रधानाध्यापक अनिमा सोरेन ने बच्चे की इलाज के लिए 3 लाख रुपये का चेक बच्चे के परिजनों को सांैपा। सदर एसडीओ ने बताया कि इन रुपयों से बच्चे की सही तरीके से इलाज हो सकेगा साथ ही बचे हुए रुपये भविष्य में उनके काम आयेंगे।
एसडीओ के पहल पर तीन मामलों का हुआ निबटारा