कटकमदाग प्रखंड क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों में पिछले एक सप्ताह से बिजली की आंख मिचौनी से ग्रामीण परेशान हैं। वहीं कई क्षेत्रों में बिजली की जर्जर तार व खंभा दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहा है।
प्रखंड के अडरा, सुल्ताना, सलगावां, कटकमदाग पंचायत क्षेत्र के गांव में बिजली की जर्जर तार गिरने से पिछले छह माह में दर्जनभर मवेशियों की मौत हो चुकी है। कई बार बड़ी दुर्घटनाएं होते-होते टल गई। जनता जहां एक ओर बिजली की नियमित आपूर्ति नहीं होने से इस भीषण गर्मी में त्राहिमाम हो रहे हैं। हजारीबाग शहर के लोहसिंघना फीडर से गदोखर होते हुए इस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। लुटा से बानादाग होते हुए अडरा पंचायत के कूबा गांव तक बिजली आपूर्ति होती है। इस क्षेत्र में करीब डेढ़ दर्जन गांव हैं। सुल्ताना से कूबा गांव तक आठ नंबर लोहा का तार लगाया गया है। नावाडीह होते हुए पकरार गांव तक बिजली तार की भी यही स्थिति है। इन क्षेत्रों में अक्सर जर्जर तार टूटकर गिरने से मवेशी चपेट में आ जाते हैं। लूटा गांव में बिजली तार जमीन से करीब 8 फीट ऊंचाई से गुजरा हुआ है। कई स्थानों पर बिजली खंभे झुक गए हैं। सलगावां, कटकमदाग सुल्ताना व अडरा पंचायत में पढऩे वाले गांवों में लोसिंहगना फीडर से ही बिजली आपूर्ति की जाती है।
क्षेत्र में बिजली की समस्या सुधार के लिए कटकमसांडी प्रखंड के छड़वा में पावर सब स्टेशन बनाया गया है। जिसका उद्घाटन दो माह पूर्व मंत्री सह सांसद जयंत सिन्हा ने किया था। इसके बाद लोगों की उम्मीद जगी कि अब इस क्षेत्र में बिजली की समस्या से निजात मिलेगी। लेकिन अब तक पावर सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति शुरू नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन के समय पावर सब स्टेशन से नया ट्रांसफार्मर का क्वायल व अन्य सामग्री चोरी कर ली गई थी। ठेकेदार व विभाग के कुछ कर्मियों ने आनन-फानन में पुराने ट्रांसफार्मर लगाकर पावर सब स्टेशन का उद्घाटन करवा दिया।
तार हो चुके हैं जर्जर