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आदिम जनजाति बालक छात्रावास में गैर आदिवासियों का कब्जा हटाएं

3 वर्ष पहले
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आदिवासी छात्रावास से संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर आदिवासी छात्र छात्राओं ने शनिवार को समाहरणालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया।

जिला कल्याण अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप 20 फीट जगह छोड़कर घेराबंदी करने, आदिम जनजाति बालक छात्रावास में गैर आदिवासियों के कब्जा है, जिसे खाली कराने के लिए जिला प्रशासन को आवेदन देकर बार बार आग्रह करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। पूर्व से निर्मित एवं बंद पड़े अनुसूचित जनजाति बालिका छात्रावास को पुन: चालू रखते हुए बालिकाओं को रहने की अनुमति देने, स्नातकोत्तर बालक बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण, वित्तीय वर्ष 2011-12 में विनोबा भावे विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं के लिए सौ बेड वाले छात्रावास आज तक नहीं बना है, अविलंब निर्माण कराने की मांग की गई। अनिल टोप्पो की अध्यक्षता में आयोजित धरना प्रदर्शन में आदिवासी छात्रसंघ के उपाध्यक्ष सुशील ओड़ेया, सविता खाखा, अजय उरांव, नरेश मुण्डा, राजीव किण्डो, आदित्य लिण्डा, शोसन लकड़ा, नीरज टोप्पो, अजय टोप्पो, संजय बबला, सुरेश हांसदा, राजेश कुमार बेदिया, निरंजन उरांव, खड़िया मुंडा, विष्णु मुण्डा, बंधु टूटी, संजय केरकेटा, सुनील सोरेन, अरविंद कुजूर, गणेश कुजूर, बिरसा मुण्डा, पंकज कुजूर, प्रदीप बेदिया, संतोष सोरेन, राजकुमार किस्कू, बबलू मुर्मू, बालेश्वर मुर्मू, अनिल टुडू, प्रेम हंस, बादल लिण्डा, अशोक उरांव, देवनाथ मिंज, राजू उरांव, मनोज मिंज, सुरेश उरांव, सिकन्दर मरांडी, श्रवण मिंज, अनूप टोप्पो समेत अन्य छात्र छात्राएं शामिल थे।

आदिवासी छात्रावास से संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर समाहरणालय में आयोजित धरने को संबोधित करती छात्रा।

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