ब्यूटी पार्लर में नहीं, बेहतर नैपकिन खरीदने में खर्च करें
बीएड कॉलेज में डीवीसी स्वच्छता पखवाड़ा की शुरुआत पर कार्यशाला आयोजित, डीवीसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ आईके सिन्हा ने कहा
भास्कर न्यूज | हजारीबाग
डीवीसी हजारीबाग ने स्वच्छता पखवाड़ा (16 से 31 मई) की शुरुआत राजकीय बीएड कॉलेज हजारीबाग में कार्यशाला आयोजित कर की। माहवारी के दौरान स्वच्छता का वैज्ञानिक प्रबंधन विषयक कार्यशाला में बीएड प्रशिक्षुओं को माहवारी के चिकित्सकीय पहलू से अवगत कराया गया। डीवीसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ इंद्रजीत कुमार सिन्हा और महिला चिकित्सक डॉ रंजना सिन्हा ने माहवारी को लेकर लोगों में प्रचलित गलत धारणा और इसके बायोलॉजिकल फैक्ट की जानकारी दी। डॉ सिन्हा ने बताया कि सभी लड़कियों में 12-14 की उम्र में माहवारी प्रारंभ हो जाती है। इस उम्र से पहले लड़कियों को माहवारी के बारे में बताया जाना चाहिए। अमूमन इस विषय पर उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पाती है। संकोच और लाज के कारण लड़कियां अपने माता या बहन से इस बाबत पूछताछ करने से कतराती हैं। इस दौरान स्वच्छता को बेहतर प्रबंधन करना जरूरी है। इस अवधि में संक्रमण का ज्यादा खतरा रहता है इसलिए बाजारू पैड की बजाय मेडिकेटेड सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करें।
माहवारी के दौरान नहाना नहीं है, रसोई में नहीं जाना चाहिए। घरवालों को छूना नहीं चाहिए, यह सब मान्यता पुरानी हो चुकी है। ऐसा उन दिनों किया जाता था जब स्वच्छता के बेहतर प्रबंध नहीं थे। डॉ सिन्हा ने कहा कि लड़कियों को ब्यूटी पार्लर में पैसा जाया करने की बजाय उस पैसे से बेहतर नैपकिन खरीदना चाहिए। घर पर नैपकिन तैयार करने का पुराना तरीका संक्रमित कर सकता है। डॉ रंजना सिन्हा ने बताया कि माहवारी तीन से सात दिनों की हो सकती है। इसके लिए सही जानकारी देकर लड़कियों को तैयार किया जाना चाहिए। इस दौरान स्वच्छता प्रबंधन की जानकारी पुरुषों को होना चाहिए। पुरुष इसे समझकर बेहतर पिता, बड़े भाई और पति की भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यशाला के प्रश्नोत्तरी सत्र में प्रशिक्षुओं ने दोनों चिकित्सकों से सवाल किया। डॉ आईके सिन्हा ने प्रशिक्षुओं की जिज्ञासा को शांत किया। डॉ सिन्हा ने प्रशिक्षुओं को सप्ताह में दो घंटे स्वच्छता अभियान में सहयोग करने का शपथ दिलाई। आयोजन में मुख्य अतिथि डीवीसी एससीडी निदेशक संजय कुमार, लेखा प्रभारी संजय कुमार सिंह, शुभ करण चोरडिया, शैल सहाय, कंचन कुमार सिंह, डॉ जितेंद्र झा, प्राचार्य आईबी सिंह, डॉ आफताब हसन, डॉ अविनाश कुमार, प्रो नीरज कुमार सिन्हा, प्रो हरिम कुदसी, प्रो संगीता कुमारी, अभिमन्यु कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई।