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सीमित प्रतियोगिता परीक्षा से अभ्यर्थियों को दरकिनार करना हक मारी है : संघ
हजारीबाग | झारखंड लोक सेवा आयोग की प्रथम झारखंड वित्त सेवा सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में 1373 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं देने का विरोध झारखंड राजकीय प्रारंभिक शिक्षक संघ ने किया है। संघ के प्रधान सचिव डॉ शाहीन अनवर ने जेपीएससी को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों की हकमारी करने का आरोप लगाया है। सचिव ने कहा है कि 1496 में से 1373 को सेवा संपुष्टि का पेंच लगाकर रोक दिया गया है। आवेदन आठ साल पहले भरा गया था उस समय सेवा संपुष्टि का जिक्र विज्ञापन में नहीं किया गया था। आठ वर्षों से सरकारी सेवा दे रहे कर्मियों को सेवा संपुष्टि का हवाला देकर दरकिनार करना अभ्यर्थियों की हक मारी की गई है। 2010 के बाद हुई सेवा संपुष्टि को आयोग ने अमान्य करार दिया है। शिक्षकों की सेवा संपुष्टि में विलंब होता है। संघ ने कहा है कि आवेदन करनेवाले सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलनी चाहिए।