थ्री फेज-सिंगल फेज व हैंडपम्प का 3 साल से टेंडर नहीं
भोजपुरा कला में नवीन बोरिंग स्वीकृत, टेंडर नहीं हुआ, पानी के लिए मारा मारी
भास्कर न्यूज| हिंगोनिया
भोजपुरा कला सरपंच उर्मिला सुंडा, कालख सरपंच नानगराम, खेड़ी सरपंच आशा देवी सहित मूंडवाडा़ सरपंच, अणतपुरा सरपंच ने बताया कि पंचायत समिति सांभरलेक में पीने के पानी के लिए थ्रीफेज, सिंगल फेज बोरिंग व हैंडपंप का तीन वर्ष से टेंडर नहीं हो रहा है। बोरिंग करने वाली गाडी व लाइसेंस दोनों एक ही आदमी के नहीं होने से टेंडर स्वीकृत नहीं हो पा रहा है।
भोजपुरा सरपंच प्रतिनिधि गोपाल सुंडा ने बताया कि पीएचदग्डी में ऐसा नियम नहीं है कि बोरिंग करने वाली गाडी व लाइसेंस एक ही आदमी के नाम होने चाहिए। 2010 से 2014 तक जिन ग्राम पंचायतों में टेंडर होते थे, उसी ठेकेदार से कार्य करवाया जाता था। सरपंचों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बताया कि एक ही आदमी वाला टेंडर नियम हटाया जाए। इससे पेयजल समस्या का हल हो सकेगा। कई पंचायतों में थ्री फेज, सिंगल फेज बोरिंग व हैंडपंप नहीं होने से गांवों में पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। पंचायत भोजपुरा कला में पीने का पानी हिंगोनिया-डूंगरी के बोरिंगों से सप्लाई किया जाता था, जो दोनों बोरिंग खराब हो गए व पूर्णत: सूख गए हैं। इससे पानी की समस्या बढ़ गई। पंचायत समिति ने ग्राम पंचायत भोजपुरा कलां में नया बोरिंग स्वीकृत किया हैं, जो टेंडर स्वीकृत नहीं होने के कारण अटक गया हैं।
करणसर पंचायत क्षेत्र में पेयजल संकट
भास्कर न्यूज| करणसर
सांभरलेक उपखण्ड की ग्राम पंचायत करणसर, हरसोली, डुंगरी कला, डुंगरसी का बास के लोगों को बीसलपुर पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं होने पर जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है। रामचन्द्र बगवाडिया ने बताया कि क्षेत्र में लगे सिंगल फेज बोरिंग व हैंडपम्प का जलस्तर गिरने से नकारा हो रखे हैं। वहीं जो स्रोत्र सुचारू है। उनमें खारा एवं फ्लोराइडयुक्त पानी की समस्या बनी हुई हैं। इससे लोगों में जलसंकट के लिए त्राहि-त्राहि मचती दिखाई दे रही है। कैलाश वर्मा ने बताया कि पेयजल संकट हल के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों एवं जलदाय विभाग को अवगत करवाया, किन्तु प्रशासन की उदासीनता के चलते पेयजल संकट गहराता रहा।
युवा वर्ग कम उम्र में ही वृद्ध होने लगे : महंगे दामों में निजी टैंकरों से ग्रामीणों को पेयजल खरीदना मजबूरी बना हुआ है। क्षेत्र में लगे पेयजल स्रोत्रों का जलस्तर गिरने से नकारा हो जाने से खारा एवं फ्लोराइडयुक्त पानी आने लगा है। इससे लोगों के दांतों में पीलापन, कमर दर्द, घटिया आदि बीमारियां पनपने लगी हैं। फ्लोराइडयुक्त पानी उपयोग करने से युवा कम उम्र में ही वृद्ध की तरह दिखाई देने लगे हैं। पेयजल के लिए ग्रामीणों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।