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मिथ : गुस्सा आने से बढ़ता है ब्लड प्रेशर एक्सपर्ट: गुस्सा और बीपी का रिश्ता नहीं

3 वर्ष पहले
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किसी को गुस्सा आए तो आप यही कहते हैं कि आज तो इनका बीपी यानि ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है, मगर मेडिकल साइंस इस बात को मिथ मानती है। जिंदल अस्पताल में कार्डोलॉजिस्ट डॉ. अनिमेश अग्रवाल बताते हैं कि लोगों को पता ही नहीं है कि गुस्से का बीपी से कोई रिश्ता ही नहीं है। गुस्सा आने पर कभी भी बीपी नहीं बढ़ता है। वहीं कई लोगों का बीपी लो हो तो वह तुरंत अस्पताल की तरफ दौड़ते हैं, जबकि डॉक्टरों का मानना है कि बीपी लो होना कोई बीमारी नहीं है, जब तक कि आपको कोई दूसरी बीमारी न हो।

गुरुवार को विश्व हाईपरटेंशन डे है, इसको लेकर कार्डोलॉजिस्ट डॉ. अनिमेश अग्रवाल व डॉ. दीपक भारद्वाज ने देश में बढ़ रहे हाईपरटेंशन के मरीजों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि देश में प्रत्येक तीसरे व्यक्ति को हाईपरटेंशन की समस्या है। वहीं जिंदल अस्पताल की ओपीडी देखें तो करीब 25 प्रतिशत मरीज सिर्फ हाइपरटेंशन से ग्रसित आते हैं। इसके कारण प्रति वर्ष कम से कम 76 लाख लोगों की मृत्यु होती है। डॉक्टर ने सभी भ्रांतियों को जानकारी के माध्यम से दूर किया।

यह है हाईपरटेंशन

हाइपरटेंशन यानि उच्च रक्त चाप भी कहा जाता है। इसमें रक्त वाहिनियों में रक्त का दबाव लगातार बढ़ा हुआ होता है। दबाव जितना अधिक होगा हृदय को उतनी अधिक क्षमता से पम्प करना पड़ेगा। हाईपरटेंशन के कारण विभिन्न अंग क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और किडनी, हार्ट फेल होना, स्ट्रोक या हृदयाघात आदि हो सकते हैं। इसमें ब्लड प्रेशर 140 व 90 से अधिक हो ताे आप इस बीमारी के शिकार हैं।

30 साल से अधिक आयु का हर आठवां व्यक्ति रक्तचाप से पीड़ित : डॉ. सहगल

अगर आप घर पर अधिक समय व्यतीत करते हैं और एक्सरसाइज से दूर रहते हैं तो यह हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ावा देता है। इससे मधुमेह, स्ट्रोक, हृदय रोग, अधरंग, गुर्दा फेल होने जैसी अनगिनत समस्याओं का शिकार हो सकते हैं। बचपन की कम सक्रियता आगे जाकर उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों को ही बढ़ावा देती है। उच्च रक्तचाप देश में तेजी से बढ़ती बीमारी है जो एक साइलेंट किलर के तौर पर लोगों को अपना शिकार बना रही है। सपरा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे पर वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. दिनेश सहगल ने बताया कि भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अध्ययन में पिछले वर्ष भारत के 100 जिलों में 22.5 मिलियन वयस्कों की स्क्रीनिंग करने पर ये निष्कर्ष निकल कर सामने आए हैं कि 30 साल से अधिक आयु के हर आठ भारतीयों में से एक उच्च रक्तचाप से पीड़ित है।

एक्सपर्ट - प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेक कराना चाहिए। क्योंकि हाईपरटेंशन में कोई चेतावनी देने वाले गुण नहीं होते। इसमें जिंदगीभर दवाएं नहीं लेनी पड़ती, दवाओं के कम ही साइड इफेक्ट देखने को मिलते हैं।

डॉ अनिमेश अग्रवाल और डॉ दीपक।

ये बरतें सावधानियां

वजन को कम करें, यदि अधिक हो तो। धूम्रपान छोड़ दें।

फलों को आहार का हिस्सा बनाएं। नमक का सेवन नियंत्रित करें और व्यायाम करें।

सपरा अस्पताल में विश्व हाइपरटेंशन डे पर जानकारी देते डॉ. तरूण सपरा, दिनेश सहगल व फिजिशियन डॉ. मधु सैनी।

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