जानिए : जिनको हटवाना था कब्जा, उनकी कार्रवाई कागजी तक सिमटी
सीएम ने यह कहानी 2 अप्रैल को सेक्टर-14 में सुनाई। उसी सेक्टर-14 की सीमा के साथ लगते बच्चों की श्मशानभूमि में शहर के चंद रसूखदारों की मदद से एक नई कहानी ही लिख डाली। सीएम श्मशानभूमि में सुधार के लिए कर्ज तक लेने को तैयार हो गए वहीं हिसार में बच्चों की श्मशानभूमि पर 17 अवैध दुकानें बनाकर कब्जे की तैयारी हो गई। सीएम ने ही बस स्टैंड के पीछे गेट खोलने की घोषणा की तो उसी रास्ते पर ये दुकानें बनाई गई। यानि गेट खुलने से इनकी कीमत रातों रात कई गुणा बढ़ने के आसार हैं। ऐसे में हिसार के श्मशान पर सुधार की नहीं कब्जे की कहानी लिख डाली। लोगों ने शिकायत की तो जिन अधिकारियों को कार्रवाई करनी थी वे कब्जे को हटाने की बजाए कागजी कार्रवाई तक ही सिमट गए।