मान्यता नियमों का सरलीकरण हो, बंद नहीं होने देंगे कोई भी स्कूल
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक ब्ल्यू बैल्स स्कूल में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने की। बैठक में प्राइवेट स्कूलों से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं समस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए आगामी रणनीति तैयार की गई।
वक्ताओं ने कहा कि चुनावों से पूर्व भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र में सभी स्कूलों को मान्यता नियमों में सरलीकरण करके मान्यता देने का वादा किया था, लेकिन अब सरलीकरण करने की बजाए स्कूलों को बंद करने के नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों ने हाईकोर्ट व सरकार के आदेशों को मानते हुए नियम 134ए के तहत दस प्रतिशत गरीब बच्चों को सभी स्कूलों में दाखिला दिया। सरकार ने इन बच्चों के लिए तीन सौ व पांच सौ रुपए देने का वादा किया था, वह भी अभी तक पूरा नहीं किया गया है, जबकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों पर मिड डे मील को छोड़कर 2300 रुपए प्रति बच्चे पर खर्च किया जा रहा है। वहीं प्राइवेट स्कूलों को केवल सरकार की घोषणा के बावजूद पिछले तीन साल से कोई राशि जारी नहीं की गई। स्कूल संचालकों ने प्रदर्शन करते हुए उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया। इस मौके पर सुनीता रेड्डू, वीरेंद्र बामल, रविंद्र नांदल, भूपेंद्र, पवन राणा, हरिसिंह, घनश्याम शर्मा, सतीश तंवर, अजीत यादव, अजय खुडिय़ा आिद मौजूद थे।
शेड्यूल आंदोलन
20 अप्रैल को हिसार
23 अप्रैल को भिवानी
26 अप्रैल को रेवाड़ी
30 अप्रैल को रोहतक
2 मई को सिरसा
यह उठाईं मुख्य मांगें
गैर मान्यता वाले स्कूलों को आरटीई के वन रूम-वन क्लास के हिसाब से आठवीं तक मान्यता दी जाए। इसके साथ ही एग्जिस्टिंग, परमिशन व अस्थाई मान्यता वाले स्कूलों को भूमि व भवन की शर्तों को कम करते हुए मान्यता दी जाए। इसके साथ ही प्राइवेट स्कूलों में नियम 134ए के तहत पढ़ रहे दस प्रतिशत गरीब बच्चों को सरकारी स्कूलों की तर्ज पर 2300 रुपए प्रति महीना की राशि दी जाए। नियम को समाप्त करते हुए आरटीई लागू की जाए।